ED Raids on Franklin Templeton:प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी फ्रैंकलिन टेंपलेटन से जुड़े कई ठिकानों पर मुंबई और चेन्नई में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत कंपनी के पूर्व और वर्तमान अधिकारी जांच के दायरे में हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के कानून (PMLA) के तहत कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ चल रही जांच के तहत ईडी की छापेमारी की जा रही है। इसके पहले कंपनी ने अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान नकदी की समस्याओं का हवाला देते हुए अपनी छह म्युचुअल फंड स्कीम को बंद कर दिया था। इन स्कीम में करीब तीन लाख निवेशकों के 25 हजार करोड़ रुपये जमा थे।
3 लाख निवेशकों के पैसे फंसने का मामला
चेन्नई में दर्ज हुई थी FIR
इस मामले में चेन्नई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW)ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए FIR दर्ज की थी। ईडी मनी लांड्रिंग मामले के तहत जांच उसी शिकायत के आधार पर कर रहा है। इसके पहले स्कीम बंद करने के ऐलान के बाद बाजार नियामक सेबी ने नवंबर 2020 में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके अलावा सेबी ने 2021 में एसेट मैनेजमेंट कंपनी के प्रमुख विवेक कुडवा और उनकी पत्नी रूपा कुडवा को एक वर्ष के लिए प्रतिभूति बाजार से किसी भी तरह से जुड़ने पर रोक लगा दी थी।
सेबी को मिले थे ये सबूत
सेबी ने अपनी जांच में पाया था कि कंपनी से जुड़े एशिया पेसिफिक डिस्ट्रीब्यूशन के प्रमुख विवेक कुडवा और उनकी पत्नी रूपा कुडवा ने स्कीम बंद होने से पहले सभी 6 डेट फंड से 30 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए थे। और इस मामले में सेबी ने दोनों को दोषी पाया था। ताजा कार्रवाई उसी जांच का हिस्सा है। ऐसे में ईडी को उम्मीद है कि इस जांच के अहम सबूत छापे की कार्रवाई में मिल सकते हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
