Union Budget 2025: नए हवाई अड्डों और उड़ान योजना से हवाई संपर्क में सुधार हुआ: इकॉनोमिक सर्वे

नए हवाई अड्डों और क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना से देश में हवाई संपर्क में काफी सुधार हुआ है। समीक्षा में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि हवाई अड्डा विकसित करने वालों और परिचालकों ने वित्तवर्ष 2019-20 और 2024-25 के दौरान लक्ष्यित 91,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का 91 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। घरेलू एयरलाइनों ने बढ़ती हवाई यातायात मांग के बीच अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए 1,700 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं।

Union Budget 2025: इकॉनोमिक सर्वे में शुक्रवार को कहा गया कि नए हवाई अड्डों और क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना से देश में हवाई संपर्क में काफी सुधार हुआ है। समीक्षा में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि हवाई अड्डा विकसित करने वालों और परिचालकों ने वित्तवर्ष 2019-20 और 2024-25 के दौरान लक्ष्यित 91,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का 91 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। संसद में पेश वित्त वर्ष 2024-25 की इकॉनोमिक सर्वे में कहा गया, ‘‘भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाला विमानन बाजार है। हवाई यातायात में पर्याप्त वृद्धि को समायोजित करने के लिए, भारतीय एयरलाइनों ने वैश्विक स्तर पर विमानों के लिए सबसे बड़े ऑर्डर दिए हैं।’’

Union Budget 2025

नए हवाई अड्डों और उड़ान योजना से हवाई संपर्क में सुधार हुआ: इकॉनोमिक सर्वे

1700 विमानों का आर्डर

घरेलू एयरलाइनों ने बढ़ती हवाई यातायात मांग के बीच अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए 1,700 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं। इकॉनोमिक सर्वे में कहा गया है कि रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के क्षेत्र में सरकार मूल उपकरण निर्माताओं को भारत में अपने केन्द्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और इस क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए नीतियां पेश की हैं। इसमें कहा गया, ‘‘उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना के तहत नए हवाई अड्डों और बेहतर क्षेत्रीय संपर्क ने हवाई संपर्क में पर्याप्त सुधार किया है।’’

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