US Market Today Empact on Asian Stock Market :अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को 2025 की सबसे बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। धीमे आर्थिक आंकड़ों और अमेरिका द्वारा अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ लगाने के फैसले ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। एसएंडपी 500 1.8% गिरकर नकारात्मक रुझान में चला गया और दिसंबर 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। डॉव जोंस 650 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि दिन के उच्चतम स्तर से 800 अंक लुढ़क गया। नैस्डैक कंपोजिट में भी 2.7% की गिरावट आई, जिसमें चिप निर्माता Nvidia के शेयर 8% तक गिर गए। सुबह के सत्र में बाजार लगभग स्थिर था, लेकिन अचानक तेज गिरावट आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि मंगलवार से कनाडा और मैक्सिको पर 25% टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ भी प्रभावी होगा।
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, एशियाई बाजारों पर भी पड़ा असर।
कमजोर आर्थिक आंकड़े, क्रिप्टो मार्केट में गिरावट
सोमवार को जारी आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की चिंताओं को और बढ़ा दिया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट सेक्टर की कमजोरी, बढ़ती बेरोजगारी दर और व्यक्तिगत खर्च में गिरावट दर्ज की गई। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी तेज गिरावट देखने को मिली। बिटकॉइन की कीमत 9.5% तक लुढ़क गई, जबकि एक दिन पहले ट्रंप के डिजिटल एसेट्स पर दिए गए बयान के बाद इसमें उछाल आया था।
रिथोल्ट्ज़ वेल्थ मैनेजमेंट की कैली कॉक्स ने कहा, "यह घबराने का समय है, लेकिन मंदी का संकेत नहीं। हालांकि, अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ रही है।"
यूरोप में तेजी, एशियाई बाजारों में गिरावट
अमेरिकी बाजार की गिरावट के विपरीत, यूरोप में बाजारों ने 2025 की सबसे मजबूत बढ़त दर्ज की। इससे साफ संकेत मिलता है कि निवेशक अब अमेरिका के बजाय यूरोपीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, एशियाई बाजारों पर अमेरिकी टैरिफ का असर दिखा।
- जापान: निक्केई 225 2.43% गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1.48% की गिरावट रही।
- दक्षिण कोरिया: कोस्पी इंडेक्स 0.13% टूटा, जबकि कोस्डैक में 1.42% की गिरावट रही।
- हांगकांग: हैंग सेंग इंडेक्स 1.58% कमजोर रहा।
- चीन: सीएसआई 300 इंडेक्स 0.59% गिरा, क्योंकि निवेशकों की नजर देश की “टू सेशंस” बैठक पर थी।
- ऑस्ट्रेलिया: एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.07% नीचे रहा।
Indian Stock Market Prediction: इंडियन स्टॉक मार्केट का क्या होगा
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लगभग सपाट बंद हुआ क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली, अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाए जाने और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की धारणा को कमजोर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर किसी बड़े ट्रिगर की कमी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को निकट भविष्य में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
GIFT Nifty में मंगलवार को नकारात्मक शुरुआत के संकेत मिले, क्योंकि यह 155.50 अंक या 0.70% गिरकर 22,103 पर ट्रेड कर रहा था। इसका मतलब है कि भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हो सकती है। टेक्निकल विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी में अगर कोई रिकवरी होती है तो 22,300 का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेगा। वहीं, 22,500 के ऊपर मजबूती से बंद होने पर ही कोई शॉर्ट टर्म ट्रेंड रिवर्सल संभव है।
इंडिया VIX, जो बाजार में डर या अस्थिरता को मापने का एक इंडिकेटर है, 1.6% गिरकर 13.76 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों में कुछ राहत देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाज़ार में अस्थिरता बनी हुई है। अगर निफ्टी 21,800-21,700 के स्तर से नीचे जाता है, तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को ग्लोबल इवेंट्स, अमेरिकी बाजारों और एफआईआई गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए रखनी होगी।
शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने के आसार।
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की बिकवाली जारी
अमेरिका में बड़े टेक शेयरों में बिकवाली का दौर जारी है। Nvidia के शेयरों में 8.7% की गिरावट आई, जबकि टाइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) ने अमेरिका में अपने चिप उत्पादन के लिए 100 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की। जेपी मॉर्गन के रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी टेक सेक्टर से पैसे निकलकर अब वैल्यू स्टॉक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जा रहे हैं।
वहीं, मॉर्गन स्टेनली के रणनीतिकार माइकल विल्सन ने कहा कि शेयर बाजार अब आर्थिक विकास के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है, और बॉन्ड यील्ड में गिरावट का उस पर सीमित प्रभाव होगा।
अमेरिकी टैरिफ से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता
अमेरिकी बाजार में टैरिफ संबंधी अनिश्चितता के चलते निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है। सिटीग्रुप के विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियों की कमाई के अनुमान अभी तक ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ से जुड़े संभावित जोखिमों को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
