EBC Report on Dollar vs Gold Reserve Asset : यूरोपीय यूनियन के केंद्रीय बैंक ECB ने अपनी एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि अब दुनिया में डॉलर की जगह गोल्ड सबसे बड़ा रिजर्व एसेट बन गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लंबे समय तक दुनियाभर के रिजर्व बैंकों ने यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स को अपना सबसे बड़ा रिजर्व एसेट बनाकर रखा। लेकिन, अब यह ट्रेंड पलट गया है। अब पूरी दुनिया में रिजर्व एसेट के मामले में गोल्ड टॉप पर है।
डॉलर की जगह गोल्ड पर बढ़ा भरोसा
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों के ऑफिसियल फॉरेक्स रिजर्व आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि ग्लोबल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर 27 फीसदी हो गई है। जबकि, यूएस ट्रेजरी बॉन्ड (US Treasury Bonds) की हिस्सेदारी 22 फीसदी के करीब आ गई है।
यूरोपीयन सेंट्रल बैंक (ECB) की सालना रिपोर्ट में कहा गया है कि गोल्ड के दाम में पिछले एक-डेढ़ साल में ऐतिहासिक रैली देखने को मिली है। इसकी वजह से भी गोल्ड रिजर्व का वैल्यूएशन काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2024 के अंत में ग्लोबल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी थी, जबकि डॉलर की हिस्सेदारी 25 फीसदी थी। इससे यह साफ पता चलता है कि दुनिया के सेंट्रल बैंक डॉलर की जगह अब रिजर्व करेंसी के तौर पर गोल्ड को तरजीह दे रहे हैं।
रिपोर्ट में मुख्य रूप से इंटरनेशनल ट्रेड और रिजर्व करेंसी के तौर पर यूरो की भूमिका को परखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड को छोड़कर अब भी अंतरराष्ट्रीय कारोबार का बड़ा हिस्सा डॉलर और यूरो में ही चल रहा है। डॉलर के बाद यूरो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी रिजर्व करेंसी है।
धीमी हुई गोल्ड खरीद
रिपोर्ट में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की सालाना रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि दुनिया के केंद्रीय बैंकों की तरफ से गोल्ड की खरीद में कमी आई है। 2025 में दुनिया के तमाम केंद्रीय बैंकों ने अपने ऑफिशियल रिवर्ज के लिए 863 गोल्ड खरीदा है। जबकि, इससे पहले तीन साल तक लगातार यह खरीद 1,000 टन से ज्यादा रही है।
क्यों गोल्ड पर भरोसा जता रहे केंद्रीय बैंक
कमोडिटी एक्सपर्ट नितेश शाह के मुताबिक रूस-युक्रेन युद्ध के दौरान जिस तरह से रूस के डॉलर और यूरो बेस्ड एसेट्स को फ्रीज किया गया और दुनिया में अस्थिरता बढ़ी, उसे देखते हुए केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड रिजर्व का महत्व बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंकों का मुख्य काम अपने देश की इकोनॉमी को बाहरी आर्थिक झटकों से बचाना है। इसके लिए सभी केंद्रीय बैंक डॉलर की तुलना में गोल्ड को ज्यादा भरोसेमंद एसेट मान रहे हैं।
