EPF बैलेंस पर मिलने वाला पूरा ब्याज कब होता है टैक्स-फ्री? नियमों को लेकर दूर करें कंफ्यूजन

भारत में रिटायरमेंट की उम्र 58-60 वर्ष मानी जाती है। हालांकि, बहुत से लोग रिटायरमेंट से पहले जॉब छोड़ देते हैं। ऐसे में Employees’ Provident Fund (EPF) को लेकर टैक्स छूट का लाभ मिलेगा या नहीं, यह बहुत से लोगों की कंफ्यूजन रहती है। इस आर्टिकल में आपके इन्हीं सवालों के जवाब दे रहे हैं।

Employees’ Provident Fund (EPF) भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। यह न केवल रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड तैयार करता है, बल्कि आयकर (Income Tax) के तहत कुछ शर्तों के पूरा होने पर टैक्स छूट भी प्रदान करता है। Income Tax Act के अनुसार, 5 साल की निरंतर सेवा या विशेष परिस्थितियों में EPF पर मिलने वाला लाभ टैक्स-फ्री होता है। इसलिए, सही प्लानिंग और नियमों की जानकारी के साथ आप अपने EPF से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं और अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।

Tax on EPF interest after quitting job

EPF पर मिलने वाला पूरा ब्याज टैक्स-फ्री होता है कि नहीं (Photo: iStock)

कब मिलता है टैक्स छूट का लाभ

नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल या उससे अधिक समय तक सेवा दी है, तो उसके EPF खाते में जमा पूरी राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता। अगर कर्मचारी ने पहले किसी दूसरी कंपनी में काम किया है और उसका PF बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है तो पुरानी और नई दोनों सेवाओं की अवधि को जोड़कर 5 साल की गणना की जाती है।

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