क्या आप भी विदेश भेजते हैं पैसे? जान लें इनकम टैक्स की रडार पर क्यों हैं ये लोग

विदेशों में पैसे भेजने (Foreign Remittance) वालों पर इनकम टैक्स विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। जानिए कौन से लोग टैक्स विभाग के रडार पर आ गए हैं और LRS नियमों के तहत टैक्स नोटिस से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

आजकल बच्चों की विदेश में पढ़ाई, मेडिकल इलाज, पर्यटन या विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों को आर्थिक सहायता देने के लिए विदेशों में पैसे भेजना एक सामान्य बात हो गई है। हालांकि, अगर आप भी नियमित रूप से या बड़ी राशि विदेशों में ट्रांसफर (Foreign Remittance) करते हैं, तो अब आपको बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने विदेशों में भेजे जा रहे पैसों और टैक्सपेयर्स द्वारा दाखिल किए जाने वाले इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के आंकड़ों में बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई हैं, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को टैक्स नोटिस भेजे जा रहे हैं।

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क्या आप भी विदेश भेजते हैं पैसे? जान लें इनकम टैक्स की रडार पर क्यों हैं ये लोग

इनकम टैक्स विभाग की रडार पर क्यों हैं ये लोग?

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत कोई भी भारतीय नागरिक एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹2 करोड़ से अधिक) तक की राशि बिना किसी विशेष अनुमति के विदेश भेज सकता है। हालांकि, सरकार ने इस सुविधा के साथ-साथ टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) के कड़े नियम लागू किए हैं। टैक्स विभाग के संज्ञान में आया है कि कई लोग अपनी घोषित सालाना आय (Declared Income) की तुलना में कहीं अधिक राशि विदेशों में भेज रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति की घोषित आय ₹10 लाख है, लेकिन वह विदेशों में ₹20 लाख या उससे अधिक भेज रहा है, तो ऐसी वित्तीय गतिविधियां तुरंत टैक्स अधिकारियों के रडार पर आ जाती हैं।

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