दिवाली का त्योहार आते ही लोग घरों में सजावट करने के साथ पटाखे और आतिशबाजी की तैयारी भी शुरू कर देते हैं। लेकिन कई बार पटाखे जलाते समय छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन जाती है। रॉकेट या पटाखे से घर में आग लग सकती है या परिवार का कोई सदस्य जलकर घायल हो सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दिवाली पर पटाखों की वजह से घर या गाड़ी को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई कौन करेगा? इसके लिए बाजार में फायरक्रैकर इंश्योरेंस यानी पटाखा बीमा उपलब्ध है। इसकी शुरुआत महज 10 रुपये से होती है।
क्या है फायरक्रैकर इंश्योरेंस?
दरअसल, फायरक्रैकर इंश्योरेंस एक तरह का माइक्रो इंश्योरेंस है, जिसे दिवाली के दौरान होने वाले हादसों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह सामान्य तौर पर पूरे साल के लिए नहीं, बल्कि सीमित समय के लिए सुरक्षा देता है। 10 रुपये से शुरू होने वाली इस पॉलिसी में दिवाली के आसपास करीब 10 दिनों तक दुर्घटना से होने वाले कुछ नुकसान कवर किए जाते हैं। हालांकि, बीमा की अवधि और मिलने वाली सुविधाएं कंपनी और प्लान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं।
इस बीमा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर पटाखा जलाते समय कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो जाता है और उसे 24 घंटे से ज्यादा अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है, तो इलाज के लिए 10,000 से 25,000 रुपये तक का मेडिकल कवर मिल सकता है। इसके अलावा, पटाखों से हुए हादसे में बीमाधारक की मौत होने या हाथ-पैर और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने की स्थिति में पॉलिसी के नियमों के मुताबिक एकमुश्त रकम दी जा सकती है। कुछ प्लान में परिवार के मुख्य सदस्य के साथ जीवनसाथी और बच्चों को भी सुरक्षा मिलती है।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि पटाखा बीमा आपके घर, फ्लैट या गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता। यानी अगर रॉकेट से घर में आग लग जाती है या पटाखे की वजह से आपकी कार क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो इस माइक्रो इंश्योरेंस से क्लेम नहीं मिलेगा। घर में आग से हुए नुकसान के लिए होम इंश्योरेंस और गाड़ी को हुए नुकसान के लिए मोटर इंश्योरेंस के तहत क्लेम करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि आपकी पॉलिसी में आग से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल हो।
अब सवाल है कि यह बीमा कहां से खरीद सकते हैं?
PhonePe, CoverSure और Bajaj Finserv जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह के इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध हैं। इन्हें खरीदने से पहले पॉलिसी की अवधि, कवरेज, क्लेम की शर्तें और बाहर रखी गई स्थितियों को जरूर पढ़ लें। अगर आपके पास पहले से पर्याप्त हेल्थ और पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस है, तो अलग से यह पॉलिसी लेने की जरूरत भी नहीं हो सकती।
