Corporate FD vs Bank FD: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) उन लोगों के लिए बेहतर निवेश ऑप्शन होता है, जो बिना जोखिम के समय के साथ अपनी पूंजी में बढ़ोतरी करना चाहते हैं। एफडी एक आसान निवेश ऑप्शन इसलिए भी है, क्योंकि इस पर शेयर बाजार की तरह-तरह रोज-रोज नजर रखनी पड़ती है। एफडी में एक बार पैसा लगाओ और हर साल आपको ब्याज के रूप में रिटर्न मिलता रहेगा। मगर क्या आप जानते हैं कि एफडी भी दो तरह की होती है। इनमें बैंक एफडी के साथ-साथ कॉरपोरेट एफडी शामिल है। बैंक एफडी के बारे में आपने खूब सुना होगा। मगर क्या आप कॉरपोरेट एफडी के बारे में जानते हैं। अगर नहीं तो आज जान लीजिए।
कॉर्पोरेट एफडी बनाम बैंक एफडी
क्या है कॉरपोरेट एफडी
कॉर्पोरेट एफडी एक निवेश ऑप्शन है जो नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) या अन्य कंपनियों द्वारा पेश किया जाता है। यह बैंक एफडी के समान ही है। बस इसमें आपका पैसा बैंक के बजाय किसी कंपनी में जमा होता है।
कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज
बैंक एफडी पर कॉरपोरेट एफडी की तुलना में थोड़ी कम ब्याज दरों की पेशकश करती हैं। इससे ये निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाती हैं।
एनबीएफसी की वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरें
- श्रीराम फाइनेंस : 8 से 9 फीसदी
- सुंदरम फाइनेंस : 7.95 से 8.25 फीसदी
- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस : 7.25 से 7.75 फीसदी
- बजाज फाइनेंस : 7.70 से 8.60 फीसदी
- बजाज फिनसर्व : 7.65 से 8.30 फीसदी
बैंक एफडी ज्यादा सेफ
कॉरपोरेट एफडी की सेफ्टी एनबीएफसी या कॉरपोरेशन की साख पर निर्भर करता है। आमतौर पर केवल उच्च रेटिंग वाली कंपनियों को ही अधिक सुरक्षित माना जाता है। दूसरी ओर, बैंक एफडी में कम जोखिम होता है, क्योंकि इन पर भारत सरकार की तरफ से अधिकतम 5 लाख रुपये का बीमा मिलता है।
