DGGI Sent Notice To Gaming Companies: जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGCI) ने लगभग 55,000 करोड़ रुपये का जीएसटी (GST) बकाया वसूलने के लिए ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) कंपनियों को पूर्व-कारण बताओ नोटिस (Pre-Show Cause Notices) भेजे हैं। इनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम 11 (Dream11) को 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी नोटिस भेजा गया है, जो संभवतः देश में दिया गया सबसे बड़ा इनडायरेक्ट टैक्स नोटिस है।
DGGI ने गेमिंग कंपनियों को भेजा नोटिस
1 लाख करोड़ के नोटिस
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इंडस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले हफ्तों में और अधिक नोटिस मिलने की उम्मीद है। डीजीजीआई द्वारा आरएमजी कंपनियों से मांगी जाने वाली कुल जीएसटी राशि का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
क्या है पूर्व कारण बताओ नोटिस
अधिकारियों द्वारा डीआरसी-01 ए फॉर्म के जरिए मांगे जाने वाले टैक्स की सूचना जारी की जाती है। जीएसटी की भाषा में इसे पूर्व-कारण बताओ नोटिस कहा जाता है। यह विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले जारी किया जाता है।
ड्रीम11 पहुंची कोर्ट
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रीम11 ने उसे जारी किए गए पूर्व-कारण बताओ नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। रियल मनी गेम्स के लिए जीएसटी दरों में हालिया बदलाव के बाद आरएमजी प्लेटफार्मों पर हर गेमिंग सेशन के एंट्री लेवल पर लगाए गए कुल दांव (राशि) पर लगने वाली जीएसटी रेट को 28% तक बढ़ाने के बाद ये नोटिस जारी किए गए हैं।
21000 करोड़ का नोटिस
ड्रीम11 से पहले सबसे बड़ा टैक्स डिमांड नोटिस 21,000 करोड़ रुपये का था, जो गेम्सक्राफ्ट (Gameskraft) को भेजा गया था। कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में उसका विरोध किया था। अदालत ने 6 सितंबर को जीएसटी मांग को रद्द करने वाले हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। इस बीच 16 सितंबर को गेम्सक्राफ्ट ने अपने सुपरएप गेमज़ी को बंद कर दिया।
