दिल्ली की EV पॉलिसी ऑटो सेक्टर के लिए खतरे की घंटी? Morgan Stanley ने बताया बड़ा जोखिम

दिल्ली सरकार ने नई EV Policy पेश की है। इसे एक तरफ देश के तमाम राज्यों के लिए एक रेडीमेड टेंपलेट बताया जा रहा है। वहीं, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मोर्गन स्टेनले ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

Morgan Stanley on Delhi EV Policy : दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 का असर फिलहाल ऑटो कंपनियों पर सीमित रह सकता है, लेकिन अगर दूसरे राज्य भी इसी तरह की नीति अपनाते हैं, तो यह पूरे भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बड़ा जोखिम बन सकती है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यही चेतावनी दी है।

Morgan Stanley on Delhi EV Policy

दिल्ली की EV पॉलिसी बनेगी ऑटो सेक्टर के लिए संकट

दिल्ली से ज्यादा चिंता दूसरे राज्यों की

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली का देश की कुल वाहन बिक्री में हिस्सा अपेक्षाकृत छोटा है। इसके अलावा ग्राहक चाहें तो आसपास के राज्यों से भी वाहन खरीद सकते हैं। इसलिए फिलहाल वाहन निर्माताओं (OEMs) पर इसका सीधा वित्तीय असर बहुत बड़ा नहीं होगा। हालांकि, ब्रोकरेज का कहना है कि असली चिंता इस बात की है कि अगर अन्य राज्य भी दिल्ली जैसी EV नीति लागू करते हैं तो पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर बड़ा असर पड़ सकता है।

End of Feed