डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि पैसा किसका खर्च हो रहा है। जब आप डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो पैसा सीधे आपके सेविंग्स अकाउंट से कटता है। वहीं, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने का मतलब है कि आप बैंक से उधार लेकर खर्च कर रहे हैं। यही अंतर सुरक्षा के मामले में जमीन-आसमान का फर्क पैदा कर देता है। यदि आपके डेबिट कार्ड के साथ कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो आपके बैंक खाते से असली कैश तुरंत गायब हो जाता है। जब तक आप बैंक को सूचना देंगे और जांच पूरी होगी, तब तक आपकी जेब खाली हो चुकी होगी।
डेबिट कार्ड क्यों हो सकता है ज्यादा खतरनाक?
डेबिट कार्ड का सबसे बड़ा खतरा इसकी 'डायरेक्ट एक्सेस' है। अगर किसी हैकर ने आपके डेबिट कार्ड का पिन या डेटा चुरा लिया, तो वह सीधे आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकता है। चूंकि यह पैसा आपका अपना है, इसलिए फ्रॉड होने पर आपकी ईएमआई, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्च रुक सकते हैं। इसके उलट, क्रेडिट कार्ड में एक 'लायबिलिटी प्रोटेक्शन' (Liability Protection) मिलती है। यदि क्रेडिट कार्ड से कोई गलत ट्रांजैक्शन होता है, तो आप उसे तुरंत ब्लॉक और डिस्प्यूट (Dispute) कर सकते हैं। उस दौरान आपको अपनी जेब से कुछ नहीं भरना पड़ता और बैंक उस फ्रॉड की जांच करता है।
क्रेडिट कार्ड फायदे के साथ छिपा हुआ जोखिम
क्रेडिट कार्ड को लोग 'खतरनाक' इसलिए मानते हैं क्योंकि यह खर्च करने की आजादी देता है। जिन लोगों का अपनी इच्छाओं पर काबू नहीं होता, वे जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं और फिर भारी ब्याज (Interest) के जाल में फंस जाते हैं। क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें 36% से 48% सालाना तक हो सकती हैं। अगर आप समय पर बिल नहीं भरते, तो यह आपकी फाइनेंशियल सेहत को पूरी तरह तबाह कर सकता है। लेकिन अगर आप अनुशासन के साथ बिल भरते हैं, तो क्रेडिट कार्ड आपको रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और सबसे जरूरी बेहतर साइबर सुरक्षा प्रदान करता है।
साइबर सुरक्षा के मामले में कौन है बेहतर?
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑनलाइन शॉपिंग या अनजान वेबसाइट्स पर पेमेंट के लिए हमेशा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। इसका कारण यह है कि क्रेडिट कार्ड में ट्रांजैक्शन को रोकने या रिफंड पाने की प्रक्रिया डेबिट कार्ड के मुकाबले बहुत आसान और तेज होती है। डेबिट कार्ड का इस्तेमाल केवल विश्वसनीय जगहों या एटीएम से पैसे निकालने के लिए करना ही समझदारी है। क्रेडिट कार्ड में आपकी 'मैक्सिमम लायबिलिटी' सीमित होती है, जबकि डेबिट कार्ड में आपका पूरा बैंक बैलेंस दांव पर लगा होता है।
