DDA का बड़ा फैसला: दिल्ली में 50 साल पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्विकास को मंजूरी

DDA Redevelopment Policy: डीडीए ने दिल्ली के 50 साल पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्विकास की नीति, मास्टर प्लान-2047 और नक्शा मंजूरी आसान करने के नियमों को हरी झंडी दे दी है।

DDA Redevelopment Policy : दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने देश की राजधानी में बने दशकों पुराने दो मंजिला मकानों को गिराकर दोबारा बनाने (पुनर्विकास) के लिए एक समान नीति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो सालों से अपने जर्जर हो चुके मकानों को नए सिरे से बनाने का इंतजार कर रहे थे। उपराज्यपाल और डीडीए चेयरमैन तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में दिल्ली मास्टर प्लान 2047 समेत कई अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई गई।

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दिल्ली में 50 साल पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्विकास की राह साफ (तस्वीर-X)

किसे मिलेगा नए नियम का फायदा?

यह नई नीति विशेष रूप से व्यक्तिगत आवासीय भूखंडों (इंडीविजुअल प्लॉट्स) पर बने पुराने दो मंजिला मकानों पर लागू होगी। दिल्ली के पहले मास्टर प्लान (1962) के तहत नारायणा विहार जैसी कई कॉलोनियों में इस तरह के मकान बनाए गए थे। 50 साल से भी अधिक पुराने होने के कारण इनमें से कई निर्माण संरचनात्मक रूप से कमजोर और जर्जर हो चुके हैं। अब तक खाली पड़े प्लॉटों के लिए तो निर्माण के स्पष्ट नियम थे, लेकिन इन निर्मित दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए कोई एकीकृत नीति नहीं थी। नई नीति इस अंतर को खत्म करती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह छूट दिल्ली के सभी डीडीए फ्लैटों या हाउसिंग सोसायटियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल तय कैटेगरी के दो मंजिला स्वतंत्र मकानों पर लागू होगी।

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