Data Center Boom का फायदा न केवल सीधे तौर पर इस सेक्टर में सक्रिय कंपनियों को मिल रहा है। बल्कि, उन कंपनियों को भी मिल रहा है, जो डाटा सेंटर बनाने के लिए हार्डवेयर सप्लाई कर रही हैं। यह ठीक ऑटो सेक्टर के बूम से मिलता हुआ मामला है, जहां कार बनाने वाली कंपनियों से बेहतर रिटर्न OEM और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों ने दिया है। डेटा सेंटर में पावर डेंसिटी, सेफ्टी नॉर्म्स और रिडंडेंसी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा हाई-क्वालिटी वायर, केबल, फाइबर और फायर-सर्वाइवल सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनियों को मिल रहा है। FY25 में ही भारतीय वायर एंड केबल इंडस्ट्री करीब ₹90,000 करोड़ की हो चुकी है और डेटा सेंटर साइकल अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है।
डाटा सेंटर बूम का दूसरे सेक्टर्स को भी फायदा। (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)
डेटा सेंटर डिमांड पर बड़ा दांव
RR Kabel के बिजनेस का 88% हिस्सा वायर और केबल से आता है। कंपनी डेटा सेंटर और OEM सेगमेंट के लिए स्पेशलाइज्ड केबल्स पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 से 28 के बीच ₹1,200 करोड़ के कैपेक्स के लिए ‘Project RRise’ तैयार किया है। इससे केबल कैपेसिटी करीब 1.7 गुना बढ़ेगी। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1 FY26) में कंपनी की आय 16.7% बढ़कर 4,222 करोड़ पहुंच गई है। जबकि, PAT में 81% की छलांग दिखी है। डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी इस ग्रोथ के बड़े ट्रिगर हैं।
AI और Cloud से सबसे बड़ा फायदा
Polycab India वायर और केबल सेगमेंट में 26–27% मार्केट शेयर के साथ इंडस्ट्री लीडर है. कंपनी का मानना है कि AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के चलते देश में 20230 तक डेटा सेंटर सेक्टर में 2030 तक 49 अरब डॉलर तक का निवेश होगा। Polycab फायर-रेसिस्टेंट केबल, स्ट्रक्चर्ड कैबलिंग और फाइबर सॉल्यूशंस की बड़ी सप्लायर बन चुकी है। अगले 5 साल में ₹6,000–8,000 करोड़ के कैपेक्स से कंपनी मल्टी-सेगमेंट ग्रोथ की तैयारी में है। वहीं, H1 FY26 में कंपनी का PAT 53% बढ़कर ₹1,292 करोड़ रहा, जो इसके स्केल और ऑपरेटिंग लेवरेज को दिखाता है।
टेक्नोलॉजी और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की ताकत
Finolex Cables डेटा सेंटर के लिए जरूरी पावर केबल, ऑप्टिकल फाइबर और डेटा केबल्स तीनों सेगमेंट में मौजूद है। कंपनी की e-beam टेक्नोलॉजी EV, सोलर और हाई-सेफ्टी केबल्स में बड़ा एज देती है। इसके साथ ही, बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मार्जिन पर बेहतर कंट्रोल मिलता है। H1 FY26 में कंपनी का PAT 21% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 15.8% तक पहुंच गया।
महंगे नहीं, लेकिन सस्ते भी नहीं
Polycab अपने हाई RoCE और RoE की वजह से प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है। RR Kabel ग्रोथ स्टोरी के कारण ऊंचे मल्टीपल पर है, जबकि Finolex हालिया करेक्शन के बाद अपने ऐतिहासिक औसत से नीचे मिल रही है। डेटा सेंटर बूम जैसे स्ट्रक्चरल ट्रेंड में ये तीनों कंपनियां ‘अनदेखे हीरो’ की तरह लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।
| कंपनी | 52-Week Low (₹) | मौजूदा भाव (₹, लगभग) | 52-Week Low से ऊपर |
|---|---|---|---|
| Polycab India | 4,555 | 7,500 | ~65% ऊपर |
| RR Kabel | 854 | 1,520 | ~78% ऊपर |
| Finolex Cables | 707 | 790 | ~12% ऊपर |
मल्टी-ईयर ग्रोथ फेज में केबल–वायर सेक्टर
Economic Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का केबल और वायर सेक्टर अब एक स्ट्रक्चरल मल्टी ईयर ग्रोथ फेज में है। FY30 तक इसका मार्केट साइज ₹1.9 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। यह ग्रोथ सिर्फ एक थीम पर आधारित नहीं है, बल्कि डेटा सेंटर, पावर ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, रियल एस्टेट और एक्सपोर्ट जैसे कई डिमांड ड्राइवर्स से मिलकर बन रही है। खास बात यह है कि सेक्टर की ग्रोथ अब ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स की ओर शिफ्ट हो रही है, जिससे बड़े और ब्रांडेड प्लेयर्स की प्राइसिंग पावर और मार्जिन मजबूत हो रहे हैं।
डेटा सेंटर में केबल्स की हिस्सेदारी बड़ा ट्रिगर
ET की रिपोर्ट बताती है कि डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में केबल्स और वायरिंग की हिस्सेदारी आमतौर पर कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 5–10% होती है, लेकिन हाई-डेंसिटी पावर, सेफ्टी और रिडंडेंसी जरूरतों के चलते यह वैल्यू लगातार बढ़ रही है। AI और क्लाउड-ड्रिवन डेटा सेंटर्स में फायर-रेसिस्टेंट, हाई-कैपेसिटी और फाइबर केबल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन केबल कंपनियों को मिल रहा है। यही वजह है कि ब्रोकरेज डेटा सेंटर कैपेक्स को आने वाले वर्षों में केबल सेक्टर के लिए हाई विजिबिलिटी अर्निंग ड्राइवर माना जा रहा है।
