DA Vs DR: क्या होता है महंगाई भत्ता और महंगाई राहत? जानें दोनों के बीच का अंतर

DA vs DR: सरकार समय-समय पर कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देती है।

DA vs DR: सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स अक्सर महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) शब्दों का अक्सर इस्तेमाल करते हैं। खास बात यह है कि DA और DR में बढ़ोतरी से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियोंऔर लगभग 65 लाख सेवानिवृत्त केंद्रीय पेंशनभोगियों को फायदा होता है। क्या आपको पता है कि इन दोनों में क्या अंतर है? इन दोनों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने है। इसलिए सरकार साल में दो बार डीए और डीआर में बढ़ोतरी करती है। आइए इन दोनों के अंतर को समझते है।

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डीए क्या होता है?

DA क्या होता है?

DA, केंद्र सरकार और राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का एक हिस्सा होता है। इसका मकसद, बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन के खर्चों को कम करने में मदद करना है। इसे हर छह महीने में, All-India Consumer Price Index (AICPI) के आधार पर, महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए मार्च की शुरुआत और अक्टूबर में रिवाइज किया जाता है। इसके बाद, जनवरी और जुलाई में इसे लागू किया जाता है। DA, कर्मचारी की 'कॉस्ट-टू-कंपनी' (CTC) का एक हिस्सा होता है और सरकार के कर्मचारियों की मासिक सैलरी के हिस्से के तौर पर उनके खाते में जमा किया जाता है।

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