अमेरिकी टैरिफ कटौती का व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने स्वागत करते हुए कहा है कि इससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार रिश्तों में सुधार होगा। टैरिफ कटौती से भारत के शेयर बाजार में भी शानदार तेजी देखने को मिल रही है। इसे लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था उसके बाद से ही भारत के शेयर बाजार में गिरावट के साथ उथलपुथल मचा हुआ था और अस्थिरता बनी हुई थी, विदेशी निवेशकों ने भी पिछले दिनों भारत के शेयर बाजार से हाथ खींच लिया था। लेकिन, जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ कटौती का ऐलान किया है, भारत का शेयर बाजार झूम उठा है।
भारत अमेरिका ट्रेड डील
10 लाख रोजगार पर असर
बृजेश गोयल ने बताया कि अमेरिका के 50% टैरिफ का भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, फार्मा, सीफूड, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि सेक्टरों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा था। इसकी वजह से देश में 10 लाख लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया था। बढ़े हुए टैरिफ के चलते दूसरे देशों के मुकाबले में भारतीय माल अमेरिका में 35% तक महंगा हो गया था।
48 अरब डॉलर का कारोबार प्रभावित
टैरिफ के चलते अमेरिकी खरीददार भारत के मुकाबले में दूसरे देशों के उत्पादों को खरीदने लगे थे। इसके साथ ही गोयल ने बताया कि टैरिफ की वजह से 48 अरब डॉलर से ज्यादा का भारतीय निर्यात प्रभावित हो रहा था। इसके साथ ही गोयल ने बताया कि भारत अमेरिका को सिर्फ निर्यात नहीं करता है। बल्कि, मिनरल्स, महंगे रत्न, आभूषण, सिक्के, मेटल्स, न्यूक्लियर रिएक्टर्स और हवाई जहाज के उपकरण, इलेक्ट्रिकल उपकरण, ऑप्टिकल उपकरण, प्लास्टिक, केमिकल, नट्स ड्राईफ्रूट्स, आयरन, स्टील आदि सामान अमेरिका से आयात भी करता है।
अमेरिका को भारत का निर्यात
CTI महासचिव राहुल अदलखा और राजेश खन्ना के मुताबिक भारत अपने कुल निर्यात में से अमेरिका को 53% फार्मास्युटिकल, 53% वस्त्र एवं परिधान, 37% रत्न और आभूषण, 28% ऑटो कंपोनेंट, 13% केमिकल, 22% सीफूड आदि का निर्यात करता है। इस तरह अमेरिका भारत के लिए एक अहम निर्यात बाजार है। वहीं,
CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग के मुताबिक भारत ने 2024 में अमेरिका को 1.7 लाख करोड़ के इंजीनियरिंग गुड्स निर्यात किए थे, जिसमें स्टील प्रॉडक्ट्स, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स आदि शामिल होते हैं।
