अब बिटक्वाइन और दूसरी क्रिप्टो करंसी पर न करें ये गलती,दर्ज हो जाएगा मनी लॉन्ड्रिंग का केस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 9, 2023, 04:31 PM IST

Crypto Transaction Come Under Money Laundering Law: अब भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों को वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देनी होगी। इसका फायदा यह होगा कि देश की सीमाओं के बाहर क्रिप्टो परिसंपत्तियों के ट्रांसफर करने पर निगरानी रखी जा सकेगी।

Crypto Transaction Come Under Money Laundering Law: बिटक्वाइन सहित दूसरी क्रिप्टो करंसी के लेन-देन से जुड़े लोगों की एक गलती उन पर काफी भारी पड़ सकती है। सरकार ने क्रिप्टो करंसी के जरिए होने वाले अवैध लेन-देन पर लगाम कसने के लिए,डिजिटल संपत्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के प्रावधान लागू कर दिए हैं। सरकार द्वारा जारी किए गए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार,मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कानून अब क्रिप्टो करंसी के लेन-देन पर भी लागू होंगे। यानी अब क्रिप्टो करंसी से जुड़ी परिसंपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग कानून-2002 के दायरे में आएंगी।

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क्रिप्टो निवेशक हो जाएं सावधान

क्या है नया नियम

वित्त मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में कहा है कि भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों को वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देनी होगी। इसका फायदा यह होगा कि देश की सीमाओं के बाहर क्रिप्टो परिसंपत्तियों के ट्रांसफर करने पर निगरानी रखी जा सकेगी।इसके अलावा वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के लेन-देने के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज और बिचौलियों से जुड़ी इकाइयों को अब अपने ग्राहकों और प्लेटफॉर्म के यूजर की KYC करना जरूरी होगा।

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