नई दिल्ली। क्रूड ऑयल की कीमत (Crude Oil Price) में गिरावट की वजह से देश में करोड़ों लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 14 रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट आ सकती है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत जनवरी से निचले स्तर पर हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 80 डॉलर प्रति बैरल के पास है।
Petrol-Diesel Rate Today: जल्द 14 रुपये सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल!
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने कई महीनों से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत को स्थिर रखा है। देश में करीब 190 दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
भारत में क्यों इतना महंगा है पेट्रोल-डीजल?
विदेशी एक्सचेंज रेट के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत के आधार पर हर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमत (Petrol and Diesel Price) में बदलाव होता है। इस आधार पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रोजाना पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से 4 कारकों पर निर्भर करती हैं - पहला- कच्चे तेल की कीमत, दूसरा - अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की दर, तीसरा - केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा एकत्र किया गया टैक्स और चौथा - देश में ईंधन की मांग।
भारत में कैसे तय होती हैं पेट्रोल और डीजल की कीमत?
जून 2010 तक सरकार पेट्रोल की कीमत तय करती थी और इसे हर 15 दिनों में बदला जाता था। 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमत का निर्धारण तेल कंपनियों पर छोड़ दिया। इसी तरह अक्टूबर 2014 तक सरकार डीजल के दाम तय करती थी। 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने यह काम भी तेल कंपनियों को सौंप दिया। मौजूदा समय में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विनिमय दर, टैक्स, पेट्रोल और डीजल की लागत और कई अन्य चीजों को ध्यान में रखते हुए रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करती हैं।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की बिक्री पर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है, लेकिन डीजल से अभी भी 4 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है।
