अप्रैल में Crude Oil का आयात 4 फीसदी से ज्यादा घटा, फिर भी 50% बढ़ गया इम्पोर्ट बिल

भारत में सालाना आधार पर अप्रैल में क्रूड ऑयल के आयात में 4 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। लेकिन, इसके बाद भी सालाना आधार पर क्रूड ऑयल आयात करने का बिल 50% तक बढ़ गया है।

Crude Oil Price Impact on India : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के युद्ध की वजह से ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लगे झटकों का असर गहरा होता जा रहा है। अप्रैल 2026 में सालाना आधार पर भारत का कच्चे तेल का आयात 4 फीसदी से ज्यादा घटा है। लेकिन, इसके बाद भी कुल आयात बिल 50% से ज्यादा बढ़ गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल के दाम में आई बेहिसाब तेजी है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते और होर्मुज (Hormuz) स्ट्रेट से क्रूड ऑयल के साथ ही LPG और LNG की सप्लाई भी बाधित हुई है, जिसका असर भी बाजार पर व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है।

Crude Import

क्रूड के आयात में कमी, फिर भी बढ़ गया बिल

आयात घटा लेकिन बिल बढ़ा

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में भारत ने 20.1 मिलियन टन (MT) क्रूड ऑयल का आयात किया। जबकि, पिछले साल अप्रैल में भारत ने 21 MT के आयात किया था। इस तरह सालाना आधार (Y-o-Y) पर देखा जाए, तो आयात में 4.3% की कमी आई है। लेकिन, क्रूड ऑयल के दाम में आए उछाल की वजह क्रूड इम्पोर्ट का बिल 50% से ज्यादा बढ़ गया है। विदेश व्यापार के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में क्रूड के आयात का बिल करीब 16.3 अरब डॉलर पहुंच गया। जबकि, एक साल पहले यह करीब 10.7 अरब डॉलर रहा था। इस तरह एक साल में करीब 52% का उछाल आया है।

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