FD को लेकर आप न करें ये गलती, रिटर्न में न हो जाए कहीं बड़ा नुकसान

Common FD Mistakes to Avoid: FD एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प है, लेकिन सही रिटर्न का अनुमान लगाने के लिए केवल ब्याज दर देखना काफी नहीं है। एफडी को लेकर बहुत से दूसरे फैक्टर भी मायने रखते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारत में सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इसमें निवेश पर निश्चित रिटर्न मिलता है और जोखिम भी दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले कम होता है। हालांकि, कई निवेशक FD में पैसा लगाने से पहले रिटर्न का सही हिसाब नहीं लगाते। नतीजा यह होता है कि मैच्योरिटी के समय उन्हें उम्मीद से कम रकम मिलती है। जानकारों की मानें तो FD का रिटर्न केवल ब्याज दर देखकर नहीं समझा जा सकता। इसमें कई ऐसे पहलू होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। आइए समझते हैं एफडी (Common FD Mistakes) को लेकर कौन-सी बातें समझना जरूरी हैं-

Common FD Mistakes

FD को लेकर आप न करें ये गलतियां (AI Generated Image)

सिंपल और कंपाउंड इंटरेस्ट में भ्रम

FD रिटर्न कैलकुलेट करते समय सबसे आम गलती यह होती है कि लोग इसे सिंपल इंटरेस्ट (Simple Interest) के आधार पर समझ लेते हैं। जबकि अधिकांश FD में कंपाउंड इंटरेस्ट (Compound Interest) लागू होता है। इसमें ब्याज मूलधन में जुड़ता रहता है और उसी पर आगे ब्याज मिलता है। इसलिए अंतिम मैच्योरिटी राशि केवल ब्याज दर पर नहीं, बल्कि कंपाउंडिंग के तरीके पर भी निर्भर करती है।

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