Coca-Cola: दिग्गज बेवरेजेज प्रोडक्ट कंपनी कोका-कोला कंपनी अपने बॉटलिंग इन्वेस्टमेंट ग्रुप (बीआईजी) को बंद कर रही है, जिसके तहत ये भारत समेत दुनिया भर में अपने बॉटलिंग ऑपरेशन का कारोबार चलाती है। बीआईजी का कॉर्पोरेट ऑफिस रविवार 30 जून को बंद हो जाएगा। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार कोका-कोला के प्रेसिडेंट, इंटरनेशनल डेवलपमेंट, हेनरिक ब्राउन के मुताबिक बीआईजी के हेडक्वार्टर को बंद करने और बाकी बॉटलिंग इंवेस्टमेंट की अधिक सही तरीके से देखरेख करने के लिए यह सही समय है। उनके कहा कि भारत, नेपाल और श्रीलंका कोका-कोला के इंटरनल बोर्ड की निगरानी में होंगे। यह कदम सीधे तौर पर भारत को प्रभावित करता है क्योंकि कोका-कोला इंडिया की बॉटलिंग सब्सिडियरी कंपनी, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (एचसीसीबी) को बीआईजी कंट्रोल करती है।
कोका-कोला का बॉटलिंग बिजनेस
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ईटी की रिपोर्ट के अनुसार कोका-कोला ने एचसीसीबी में कुछ हिस्सेदारी बेचने के लिए कम से कम चार बड़े भारतीय बिजनेस हाउस और उनके फैमिली ऑफिस से संपर्क किया। इससे कंपनी IPO से पहले वैल्यू को अनलॉक करना चाहती है।
कितनी रही कमाई और प्रॉफिट
2006 में, कोका-कोला ने बॉटलिंग इन्वेस्टमेंट ग्रुप बनाने के लिए अपनी कंपनी के ओनरशिप वाले बॉटलिंग ऑपरेशन को मिला दिया था। वहीं 2022-23 के लिए, HCCB के रेवेन्यू में 40% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के 9,147.74 करोड़ रुपये की तुलना में 12,840 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए 809.32 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना वृद्धि है।
दुनिया भर में फैला कारोबार
दुनिया भर में फैले कोका-कोला के बॉटलिंग ऑपरेशन में लिस्टेड और प्राइवेट ओनरशिप वाली कंपनियां शामिल हैं। दुनिया भर में इसके टॉप पांच बॉटलिंग पार्टनर्स ने 2022 में इसके कुल यूनिट केस वॉल्यूम में 42% का योगदान दिया।
