CNG-PNG की कीमतों में आएगा भारी उछाल, कतर में गैस का प्रोडक्शन ठप; भारत में गहरा सकता है ईधन संकट

भारत की सबसे बड़ी एलएनजी आयातक ’पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड’ कतर में अपने जहाज नहीं भेज पा रही है। इसका मुख्य कारण ’हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ का लगभग बंद होना है। कतर सहित अधिकांश पश्चिम एशियाई देश इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से अपने तेल और गैस का निर्यात करते हैं। इसी बीच कतर में एलएनजी का उत्पादन ठप होने से भारत में सीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं, जानें कैसे?

CNG Gas Rate Hike: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर ने अपने ऊर्जा संयंत्रों पर हुए हमलों के बाद तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का उत्पादन रोक दिया है। इससे भारत को होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है और प्रमुख घरेलू क्षेत्रों के लिए ईंधन की उपलब्धता का संकट खड़ा हो गया है। भारत अपनी गैस आवश्यकताओं के एक बड़े हिस्से के लिए कतर के साथ दीर्घकालिक एलएनजी अनुबंधों पर निर्भर है। कतर से खेप का आवागमन अस्थायी रूप से रुकने के कारण औद्योगिक उपभोक्ताओं और शहरी गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों की आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक की कटौती देखी गई है।

CNG Gas Rate Hike Due To LNG Prodution Halt

कतर में एलएनजी गैस के उत्पादन से भारत में सीएनजी के दाम बढ़ने की संभावना (फोटो_AI)

सीएनजी का मूल्य लाभ समाप्त होने का अनुमान

जहां कुछ औद्योगिक इकाइयां वैकल्पिक ईंधन का उपयोग कर सकती हैं, वहीं सीएनजी बेचने वाले शहरी गैस क्षेत्र ने गंभीर संकट की चेतावनी दी है। सीजीडी कंपनियों का कहना है कि कतर की सस्ती गैस के स्थान पर दोगुनी कीमत वाली ’स्पॉट एलएनजी’ खरीदने से सीएनजी का मूल्य लाभ समाप्त हो जाएगा, जिससे ग्राहक स्थायी रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर सकते हैं।

End of Feed