Share Market Closing Today: बुधवार को शेयर बाजार में दिनभर तेज उतार-चढ़ाव के बाद Sensex और Nifty गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती कमजोरी के बाद Metal और PSU Bank शेयरों में वैल्यू बाइंग से बाजार ने लो लेवल से रिकवरी की, लेकिन IT और FMCG शेयरों पर दबाव के चलते क्लोजिंग में बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में रह गए।
शेयर बाजार में कमजोरी (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई)
दिन के आखिर में बाजार कहां बंद हुआ
दिन के आखिर में BSE Sensex जहां 244.98 अंक यानी 0.29% गिरकर 83,382.71 पर बंद हुआ। वहीं, वहीं Nifty 50 66.70 अंक यानी 0.26% टूटकर 25,665.60 पर क्लोज हुआ। दिन के दौरान Sensex 83,185.20 के लो तक फिसला था, लेकिन वहां से करीब 350 अंकों की रिकवरी देखने को मिली। Nifty भी 25,700 के करीब तक संभल गया था, लेकिन क्लोजिंग में हल्की कमजोरी रह गई।
दिनभर उतार-चढ़ाव क्यों रहा
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। जनवरी में अब तक FPI करीब 16,600 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। इसके अलावा US टैरिफ से जुड़ी चिंताओं और जियोपॉलिटिकल टेंशन ने भी निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। एक और अहम वजह एक्सपायरी से जुड़ी हलचल रही। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के चलते गुरुवार को बाजार बंद रहने वाला है, इसलिए BSE इक्विटी डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी 15 जनवरी की जगह 14 जनवरी कर दी गई। एक्सपायरी डे पर आमतौर पर बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ जाती है।
कैसी रही सेक्टरल तस्वीर?
दिन के आखिर में सेक्टर रोटेशन साफ नजर आया। Metal और PSU Bank शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। Nifty Metal 2.70% चढ़कर बंद हुआ, जबकि Nifty PSU Bank 2.13% की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं IT और FMCG शेयरों में दबाव दिखा। Nifty IT 1.08% टूट गया और Nifty FMCG 0.61% की गिरावट के साथ बंद हुआ। Realty इंडेक्स में भी कमजोरी बनी रही।
टॉप गेनर्स और लूजर्स कौन?
Nifty 50 में Tata Steel 3.71% की तेजी के साथ टॉप गेनर रहा। NTPC 3.28% चढ़ा और Axis Bank में भी करीब 3% की मजबूती दिखी। दूसरी तरफ Asian Paints 2.40% टूटकर टॉप लूजर रहा। TCS में 2.15% की गिरावट रही। Maruti, Hindustan Unilever और Tata Consumer भी दबाव में रहे। बाजार का संकेत: गिरावट के बावजूद चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी जारी कुल मिलाकर बाजार में ट्रेंड कमजोर जरूर रहा, लेकिन लो लेवल पर वैल्यू बाइंग ने संकेत दिया कि निवेशक पूरी तरह रिस्क-ऑफ मोड में नहीं हैं। अब आगे बाजार की नजर FPI फ्लो, ग्लोबल टैरिफ अपडेट्स और सेक्टरल रोटेशन पर रहेगी।
