अगर आप सिगरेट पीने के शौकीन हैं, तो आपकी जेब पर बोझ और बढ़ने वाला है। 1 मई 2026 से देश की प्रमुख सिगरेट (cigarette) निर्माता कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स अपने उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिगरेट की कीमतों में 17 प्रतिशत तक का इजाफा देखा जा सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे ग्राहकों के लिए अपनी आदतों को बरकरार रखना मुश्किल होता जा रहा है। कल से जब आप अपनी पसंदीदा सिगरेट का पैकेट खरीदेंगे, तो आपको उसके लिए पहले के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
क्यों बढ़ेंगी कीमतें
सिगरेट की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे सरकार द्वारा बढ़ाया गया टैक्स और एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली ड्यूटी में इस साल काफी बदलाव किए हैं, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ गई है। कंपनियां अपने प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए इस बढ़ी हुई लागत का बोझ अब ग्राहकों पर डाल रही हैं। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में भी सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़त की थी, जिसके बाद अब रिटेल लेवल पर कीमतों में यह दूसरा बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
सरकार ने इस साल 1 फरवरी से सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में 30% से 40% तक का इजाफा किया था। इसके बाद कंपनियों ने अलग-अलग कैटेगरी में कीमतें बढ़ाई थीं और प्रीमियम ब्रांड्स में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली थी। किंग-साइज कैटेगरी में प्रति सिगरेट की कीमत करीब 20 रुपये से बढ़कर 25-28 रुपये तक पहुंच गई थी, जिसके बाद कई ग्राहकों ने सस्ते विकल्पों की ओर रुख किया। अब अप्रैल में बिक्री कमजोर पड़ने के बाद कंपनियां मार्जिन बचाने और टैक्स लागत की भरपाई के लिए एक और प्राइस हाइक पर विचार कर रही हैं।
किस ब्रांड पर कितना होगा असर?
कीमतों में बढ़ोतरी का असर लगभग सभी लोकप्रिय ब्रांड्स पर पड़ने की उम्मीद है। उदाहरण के तौर पर, गोल्ड फ्लेक प्रीमियम (Gold Flake Premium) का जो पैकेट अब तक करीब 115 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत बढ़कर 135 रुपये तक हो सकती है। इसी तरह, किंग-साइज सेगमेंट की अन्य सिगरेट की कीमतों में भी प्रति स्टिक 2 से 5 रुपये तक का इजाफा होने की संभावना है। विल्स नेवी कट (Wills Navy Cut) जैसे ब्रांड्स के 10 स्टिक वाले पैकेट की कीमत भी 95 रुपये से बढ़कर 120 रुपये के आसपास पहुंच सकती है। इस बढ़ोतरी से सिगरेट का पूरा बाजार प्रभावित होगा।
बिक्री में गिरावट और बाजार की स्थिति
हैरानी की बात यह है कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से सिगरेट की बिक्री (Volume Sales) में गिरावट देखी जा रही है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले सिगरेट की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। विशेष रूप से प्रीमियम और किंग-साइज सेगमेंट, जो कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा होता है, वहां ग्राहकों ने बढ़ती कीमतों की वजह से अपनी खपत कम कर दी है या वे सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए कीमतें बढ़ाना जरूरी मान रही हैं।
शेयर बाजार में कंपनियों का प्रदर्शन
सिगरेट की कीमतें बढ़ने की खबर के बीच शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 4 से 8 प्रतिशत तक ऊपर चढ़ गए हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों के रेवेन्यू और मुनाफे में सुधार होगा। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में गैर-कानूनी (Illicit) और नकली सिगरेट का कारोबार बढ़ सकता है, जो सरकार और कंपनियों दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
