सिबिल स्कोर काफी नहीं! Loan देने से पहले अकाउंट स्टेटमेंट की इन बारीकियों पर होती है बैंक की नजर

लोन देने वाले बैंक, चेक बाउंस होने या खाते में पैसे कम होने के मामलों पर खास ध्यान देते हैं। ये बातें बताती हैं कि आपका फाइनेंशियल मैनेजमेंट ठीक नहीं है

आमतौर पर हम सभी मानते हैं कि सिबिल स्कोर बेहतर है तो बैंक आसानी से लोन दे देगा। हालांकि, यह पूरी सच्चाई नहीं है। बैंक किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले कुई पहलुओं की जांच करता है। इस प्रक्रिया के दौरान सबसे बारीकी से जांचे जाने वाले दस्तावेज़ों में से एक बैंक स्टेटमेंट है। आपको यह सुनकर आश्चर्य होगा कि भला लोन देने से पहले बैंक अकाउंट स्टेटमेंट चेक कर क्या पता करेगा?

Bank Loan and Bank Statement

अकाउंट स्टेटमेंट

बता दें कि अकाउंट स्टेटमेंट के जरिये बैंकों को यह समझने में मदद मिलती है कि किसी व्यक्ति के खाते में पैसा असल में कैसे आता-जाता है— जिसमें सैलरी क्रेडिट, खर्च करने की आदतें, मौजूदा लोन चुकाना, कैश फ्लो की स्थिरता और खाते में बैलेंस का पैटर्न शामिल है। सिर्फ इनकम की जानकारी या क्रेडिट स्कोर के उलट, बैंक स्टेटमेंट से लोन देने वालों को किसी व्यक्ति के फाइनेंशियल व्यवहार और लोन चुकाने की क्षमता की जानकारी जुटाता है।

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