Chandrayan-3 Successfully landed Moon:चंद्रयान-3 ने चांद पर सफल लैंडिंग कर ली है। ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला भारत, दुनिया का चौथा देश बन गया है। चंद्रयान-3 की सबसे खास बात यह है कि उसने ऐसी जगह पर लैंडिंग की है, जहां आज तक अमेरिका, रूस जैसे महारथी भी नहीं पहुंच पाए। केवल 615 करोड़ रुपये में चंद्रमा पर पहुंचने से भारत के सामने 486 अरब डॉलर के अंतरिक्ष बाजार में लंबी छलांग लगाने का मौका आ गया है। अभी भारत की इस पूरे बाजार में 2-3 फीसदी करीब हिस्सेदारी है। लेकिन अपनी क्षमता की वजह भारत अगले एक दशक में इस हिस्सेदारी को 10 फीसदी तक पहुंचा सकता है। और 100 अरब डॉलर यानी 8000000000000 रुपए का बाजार हथियाना उसके लिए अगले एक-दो दशक कोई बड़ बात नहीं होगी।
भारत बना चौथा देश
धरती पर कर रहा है कमाल, 2 साल में 13 अरब डॉलर
E&Y की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अंतरिक्ष बाजार, साल 2025 तक 13 अरब डॉलर का हो जाएगा। भारत के अंतरिक्ष क्षमताओं पर दुनिया को कितना भरोसा है उसे इस तरह समझा जा सकता है कि अब तक भारत 36 देशों के 431 सेटेलाइट लांच कर चुका है। और इसके जरिए अब तक वह 22.2 करोड़ डॉलर की कमाई कर चुका है। भारत में अंतरक्षि इंडस्ट्री के बढ़ते कदम का ही असर है कि अब तक देश में 150 स्टार्टअप रजिस्टर हो चुके हैं।
बड़ी कंपनियां निवेश के लिए आएंगी
चंद्रयान की सफलता के बाद अब भारत में बड़ी कंपनियों के निवेश की लाइन लग सकती है। गूगल जैसी कंपनियां पहले ही भारत में निवेश कर रही है। इसके बाद भारत के किफायती अंतरिक्ष मिशनों को देखते हुए, कई देश भारत के स्पेस बाजार से जुड़ सकते हैं। जिसका फायदा भारतीय अंतरक्षि सेक्टर को मिलेगा। जिसकी वजह से भारतीय नागरिकों को कई खास सुविधा भी मिलने शुरू हो सकती है।
इस समय भारत में स्टार्टअप सेटेलाइट के जरिए इंटरनेट, फोन सिगनल, ओटीटी और 5 जी ऑपरेशन के लिए काम कर रहे हैं। साफ है कि चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत का दुनिया में कद बढ़ा दिया है और अब मौका है कि वह इस सफलता को भुनाकर विकसित भारत के सपने में अपनी अहम भूमिका निभाए।
