Cashless Hospitalization: आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस (Health insurance) केवल एक वित्तीय सुरक्षा नहीं, बल्कि एक जरूरत बन चुका है। हालांकि, कई लोग अब भी अस्पताल में इलाज के बाद रीइम्बर्समेंट (Reimbursement) क्लेम का विकल्प चुनते हैं। लेकिन जानकार मानते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस ज्यादा सुविधाजनक और तनाव मुक्त विकल्प साबित हो सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस (Photo: iStock)
क्या होता है Reimbursement Claim?
रीइम्बर्समेंट क्लेम में मरीज या उसके परिवार को पहले इलाज का पूरा खर्च अपनी जेब से चुकाना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल के बिल, मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और दूसरी जरूरी दस्तावेज बीमा कंपनी को जमा करने होते हैं। सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद बीमा कंपनी क्लेम को मंजूरी देती है और फिर राशि वापस करती है। यह प्रक्रिया कई बार लंबी हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर कोई डॉक्यूमेंट अधूरा हो या नियमों के अनुरूप न हो, तो क्लेम में देरी या कटौती भी हो सकती है।
कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस कैसे करता है मदद?
कैशलेस सुविधा में अगर मरीज बीमा कंपनी के नेटवर्क अस्पताल में भर्ती होता है तो इलाज का अधिकांश खर्च सीधे बीमा कंपनी और अस्पताल के बीच निपटाया जाता है। मरीज या उसके परिवार को बड़ी रकम की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे इलाज के दौरान आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव दोनों कम हो जाते हैं। हालांकि, अगर पॉलिसी में कुछ खर्च शामिल नहीं हैं या सम इंश्योर्ड (Sum Insured) से अधिक खर्च होता है, तो उसका भुगतान मरीज को स्वयं करना पड़ सकता है।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले क्या करें?
अगर इलाज पहले से तय है तो अस्पताल में भर्ती होने से पहले अपनी बीमा कंपनी या थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) को इसकी जानकारी दें। इससे कैशलेस मंजूरी (Pre-Authorisation) समय पर मिल सकती है। आपातकालीन स्थिति में भी अधिकतर बीमा कंपनियां भर्ती के बाद तय समय सीमा के भीतर जानकारी देने की अनुमति देती हैं। इसलिए अपनी पॉलिसी की शर्तों को पहले से समझना जरूरी है।
सही अस्पताल का चयन भी जरूरी
कैशलेस सुविधा का लाभ तभी मिलता है, जब इलाज बीमा कंपनी के नेटवर्क अस्पताल में करवाया जाए। इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय यह जरूर जांच लें कि आपके शहर में कंपनी के कितने नेटवर्क अस्पताल उपलब्ध हैं। जितना बड़ा नेटवर्क होगा, जरूरत पड़ने पर कैशलेस इलाज की सुविधा उतनी ही आसानी से मिल सकेगी।
पॉलिसी खरीदते समय इन बातों पर दें ध्यान
- ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनें जिसमें नेटवर्क अस्पतालों की संख्या अधिक हो।
- पॉलिसी में शामिल और बाहर किए गए खर्चों (Inclusions और Exclusions) को ध्यान से पढ़ें।
- कैशलेस क्लेम की प्रक्रिया और समय-सीमा पहले से समझ लें।
- अस्पताल में भर्ती होने पर सभी मेडिकल दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- पॉलिसी की सम इंश्योर्ड राशि अपनी जरूरत के अनुसार चुनें।
