Prosus Cuts Byju's Valuation: एडटेक दिग्गज बायजूस (Byju's) के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। बायजूस, जिसे भारत का सबसे वैल्यूएबल स्टार्ट-अप माना जाता है, को एक और झटका लगा है। हाल की घटनाओं के बाद वैल्यूएशन में कटौती से जूझ रही कंपनी में निवेशकों का विश्वास कम हो गया है। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में नीदरलैंड की लिस्टेड निवेशक कंपनी प्रोसस (Prosus) ने संकटग्रस्त बायजूस की वैल्यूएशन घटाकर 5.1 अरब डॉलर (41815 करोड़ रु) कर दी है। प्रोसस बायजूस की सबसे बड़ी निवेशक है।
प्रोसस ने बायजूस की वैल्यूएशन घटाई
पिछले साल बायजूस की वैल्यू 22 अरब डॉलर (1.80 लाख करोड़ रु) थी। उस स्तर से अब तक इसकी वैल्यूएशन में 75 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
प्रोसस ने हिस्सेदारी भी घटाई
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार प्रोसस ने मार्च में समाप्त वित्तीय वर्ष में बायजू में अपनी 9.6 फीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू 10 फीसदी घटाकर लगभग 49.3 करोड़ डॉलर (4041 करोड़ रु) कर दी। अन्य निवेशकों के साथ बायजूस के बोर्ड से हटने के कुछ दिनों बाद प्रोसस ने ये कदम उठाया है।
बायजूस की एक अन्य निवेशक ब्लैकरॉक (Blackrock) ने हाल ही में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को लगभग 8.5 अरब डॉलर (69738 करोड़ रु) की वैल्यूएशन पर दर्ज किया था।
पीएफ का पैसा किया जमा
बायजूस पर अपने कर्मचारियों का पीएफ का पैसा जमा न करने के भी आरोप लगे हैं। पर अब कंपनी ने ईपीएफओ (EPFO) को 123 करोड़ रु दिए हैं। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार बायजूस ने 10 महीने की अवधि के लिए ईपीएफओ को 123.1 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि बाकी 3.43 करोड़ रुपये का बकाया कुछ दिनों के भीतर देने की प्रतिबद्धता जताई है।
कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम के तहत, किसी कंपनी को किसी महीने के लिए पीएफ का पैसा अगले महीने की 15 तारीख तक जमा करना होता है। किसी भी देरी पर बकाया राशि पर 12% का ब्याज और हर्जाना लग सकता है, जो 5% से 25% तक हो सकता है।
