Standard Deduction: क्या होता है स्टैंडर्ड डिडक्शन, कौन उठा सकता है फायदा, बढ़ी लिमिट तो ऐसे मिलेगा लाभ

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 15, 2024, 03:03 PM IST

What is Standard Deduction: स्टैंडर्ड डिडक्शन में बदलाव हुए लगभग पांच साल हो चुके हैं। साल 2019 में इसमें बदलाव हुआ था, जब लिमिट बढ़ाई गई थी। फिलहाल स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50,000 है, लेकिन इसे बढ़ाने की लागातर मांग की जा रही है। टैक्सपेयर्स को इस बजट से उम्मीद है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • इनकम टैक्स के तहत सैलरी क्लास को मिली है खास राहत।
  • प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के टैक्सपेयर्स इसका लाभ ले सकते हैं।
  • क्लेम के लिए डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है।

What is Standard Deduction: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को आम बजट 2024 संसद के पटल पर पेश करेंगी। देश के हर एक वर्ग को बजट से खास उम्मीदें हैं, लेकिन अगर कोई सबसे अधिक उम्मीद लगाए बैठा है, तो वो हैं देश के टैक्सपेयर्स। देश के सैलरीक्लास टैक्सपेयर्स लगातार स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफे की मांग कर रहे हैं। पिछले साल के आम बजट में जब स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल किया है, उसके बाद से ही इसे 50,000 से बढ़ाकर 1,00,000 करने की मांग चल रही है। अब ये स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या है, इसकी मांग क्यों हो रही और टैक्सपेयर्स पर इसका क्या असर पड़ता है, आइए जान लेते हैं।

What is Standard Deduction

क्या है स्टैंडर्ड डिडक्शन

इनकम टैक्स के तहत सैलरी क्लास को खास राहत मिली हुई है। पेंशनर्स भी इसका फायदा उठा सकते हैं। इसमें एक निश्चित राशि टैक्सबेल इनकम से घटाने की अनुमति है। स्टैंडर्ड डिडक्शन सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाले डिडक्शन में से एक है। सैलरीड क्लास टैक्सपेयर्स बिना कोई निवेश किए इसके लिए क्लेम कर सकते हैं। स्टैंडर्ड डिडक्शन में पिछले पांच साल कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। पिछले साल इसे न्यू टैक्स रीजिम में शामिल किया था, जिससे अब दोनों ही टैक्स व्यवस्था में शामिल है।

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