Budget 2025: 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। हर साल 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि असल में बजट क्या है? इसके जरिए सरकार क्या तय करती है? गौरतलब है कि भारत का केंद्रीय बजट एक रोडमैप है जो अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं, नीतियों और योजनाओं की रूपरेखा तैयार करता है। यह 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले एक वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के रेवेन्यू और खर्च का ब्यौरा होता है।
बजट का मतलब क्या है?
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फाइनेंशियल स्टेटमेंट होता है बजट
केंद्रीय बजट भारत सरकार का फाइनेंशियल स्टेटमेंट होता है जिसमें सरकार की इनकम और खर्च का अनुमानित लेखा-जोखा होता है। यह डॉक्यूमेंट्स का एक कलेक्शन है जो सरकार के फाइनेंस की पूरी जानकारी प्रोवाइड करता है, जिसमें सरकार के इनकम सोर्सेज के अलावा कहां कितना खर्च किया जाएगा, इसकी जानकारी होती है।
इसके अलावा बजट में सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न टैक्स की जानकारी होती है। सभी आधिकारिक बजट दस्तावेज़ वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर पब्लिक के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं।
बजट के होते हैं दो हिस्से
- रेवेन्यू रिसीट्स: इसमें टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू शामिल हैं जो सरकार की एसेट्स या देनदारियों को प्रभावित नहीं करते हैं।
- रेवेन्यू एक्सपेंडिचर : यह सरकार चलाने और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए किया जाने वाला खर्च है।
राष्ट्रीय विकास का खाका होता है तैयार
केंद्रीय बजट सिर्फ एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास के लिए एक खाका पेश करता है, जो तात्कालिक आवश्यकताओं को लॉन्ग टर्म के रणनीतिक लक्ष्यों के साथ बैलेंस करता है। यह सतत विकास, सामाजिक कल्याण और रणनीतिक राष्ट्रीय विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में भी बताता है।
