Budget 2025: इस महीने का बजट बिगड़ा है...घर पर शादी थी तो खर्च ज्यादा होने से सालभर का बजट बिगड़ गया है। ये हम सब अक्सर सुनते हैं। उसके बाद भी जब सरकार के बजट की बात आती है तो हम कहते हैं, ये तो हम समझ ही नहीं आता है। बजट तो हमारे सिर के ऊपर से निकल जाता है। हमारे दिए गए पैसे से ही सरकार बजट बनाती है और हमे बजट की जानकारी न हो तो ये ठीक बात नहीं। ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बजट क्या है और कब, कैसे हुई इसकी शुरुआत हुई है।
BUDGET
बजट क्या है?
हमारी जो सैलरी आती है, हम उसी हिसाब से अपने खर्च तय करते हैं। हमें कितना राशन पर खर्च करना है और कितना शिक्षा और स्वास्थ्य पर करना है, इसका एक मोटा-मोटा हिसाब रखते हैं, यही बजट होता है। अगर हमारी कमाई कम या ज्यादा होती है तो हम उसी हिसाब से लोन लेने या फिर इन्वेस्ट करने की प्लानिंग करते हैं। इसी तरह सरकार भी अपना बजट बनाती है कि वह किस सेक्टर पर कितना खर्च करेगी। घर के बजट और सरकार के बजट में इतना फर्क है कि वो बड़े लेवल का बजट बनाते हैं।
सालभर का वित्तीय लेखा जोखा
बजट को हम सरकारी भाषा में आम बजट या केंद्रीय बजट भी कहते हैं। ये भारत सरकार के सालभर के इनकम, खर्च और उधार का हिसाब होता है, जो सरकार संसद में देती है। यानी केंद्रीय बजट 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के वित्त का लेखा-जोखा सामने रखता है। इससे नागरिकों को पता चलता है कि सरकार ने सालभर में क्या खर्च किया है और कितना उधार लिया है। उसकी कमाई कितनी हुई है। इसके साथ अगले साल की प्लानिंग भी बतानी होती है। आने वाले साल में कितना खर्च होगा और कितना राजस्व आने की उम्मीद है और किस सेक्टर में कितना पैसा लगाया जाएगा।
कैसे आया बजट शब्द?
बजट शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द ‘Bougette’ से लिया गया है, जिसका अर्थ छोटा बैग होता है। छोटा बैग फ्रेंच भाषा में ये शब्द लैटिन शब्द 'बुल्गा' से लिया गया, जिसका मतलब 'चमड़े का थैला' है। कहा जाता है कि उस समय दुनियाभर के बड़े व्यापारी अपने पैसे से जुड़े हिसाब-किताब को इसी चमड़े के थैले में रखते थे। ऐसे में इसे बजट कहा जाने लगा।
भारत में कब पेश हुआ पहला बजट?
भारत का पहला बजट 163 साल पहले ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से ब्रिटिश क्राउन के समक्ष पेश किया गया था। इस बजट को स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल 1860 को पेश किया था। वहीं, आजाद भारत का पहला बजट देश के पहले वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था।
