Economic Survey 2025: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई के मोर्चे पर अच्छे दिन आ सकते हैं। इकोनॉमिक सर्वे 2025 के अनुसार, महंगाई धीरे-धीरे कम होगी और रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% के लक्ष्य के करीब पहुंचेगी। यह सर्वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले जारी किया।
महंगाई पर इकोनॉमिक सर्वे 2025
महंगाई नियंत्रण में सरकार और RBI की भूमिका
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि FY26 (वित्त वर्ष 2025-26) तक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई 4% के स्तर पर आ सकती है।
पिछले वित्तीय वर्ष में महंगाई अधिक अस्थिर रही, जहां 9 महीनों में से 5 महीनों तक यह 5% से ऊपर रही। हालांकि, अब कीमतों में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
खुदरा महंगाई के आंकड़े
दिसंबर 2024 में खुदरा महंगाई 5.22% रही, जो नवंबर में 5.48% और अक्टूबर में 6.2% थी। यह लगातार चौथा महीना था जब महंगाई 5% से ऊपर बनी रही। खाद्य महंगाई सबसे बड़ी चुनौती बनी रही, विशेष रूप से सब्जियां और दालें इसकी मुख्य वजह रहीं।
खाद्य महंगाई अब भी चिंता का विषय
सालभर खाद्य महंगाई अधिक बनी रही, खासतौर पर सब्जियों और दालों की कीमतें ऊंची रहीं। जुलाई और अगस्त को छोड़कर, पिछले 9 महीनों में 7 महीनों तक खाद्य महंगाई 8% से ऊपर थी। अक्टूबर में यह डबल डिजिट (10% से ऊपर) तक पहुंच गई थी।
महंगाई पर रिज़र्व बैंक का अनुमान
RBI ने इस वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर 4.8% रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले 4.5% थी। लेकिन Q2 FY26 तक महंगाई 4.2% तक गिरने का अनुमान है।
