Budget 2025 Insurance Sector: बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट 2025-26 में कर लाभ, रियायतें और स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी, जिसमें बीमा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधानों की घोषणा हो सकती है।
बजट 2025 में बीमा क्षेत्र के लिए क्या होगा खास?
बीमा क्षेत्र को कर नियमों में बदलाव की दरकार
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ नवीन चंद्र झा ने कहा कि 'सभी के लिए बीमा' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए "बीमा सुगम" जैसी पहलों को आर्थिक और नियामक समर्थन मिलना चाहिए।
पॉलिसी बाजार और पैसा बाजार की मूल कंपनी पीबीफिनटेक के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा, “80सी की वर्तमान सीमा ₹1,50,000 है, जो कई वर्षों से अपरिवर्तित है। इसे बढ़ाने से लोगों को महत्वपूर्ण वित्तीय योजनाओं के लिए अधिक गुंजाइश मिलेगी।”
पेंशन और वार्षिकी योजनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता
बजाज अलायंज लाइफ के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने कहा कि जीवन बीमा वार्षिकी उत्पादों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जोड़ने और कर से संबंधित मुद्दों को हल करने की जरूरत है। यह कदम सेवानिवृत्ति योजनाओं को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।
बीमा पहुंच के आंकड़ों में गिरावट
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश की बीमा पहुंच 2023-24 में घटकर 3.7% रह गई, जो 2022-23 में 4% थी। जीवन बीमा पहुंच में भी गिरावट दर्ज की गई, जो 3% से घटकर 2.8% हो गई। गैर-जीवन बीमा पहुंच 1% पर स्थिर रही।
सरकार से उद्योग की अपेक्षाएं
इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने कहा कि केंद्रीय बजट उद्योग की चुनौतियों को हल करने और बीमा उत्पादों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
पीएनबी मेटलाइफ के एमडी और सीईओ समीर बंसल ने पेंशन और वार्षिकी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए बजट से समर्थन की उम्मीद जताई।
भाषा इनपुट के साथ
