Budget 2024 (यूनियन बजट), Union Budget Interesting Facts: देश आजाद होने के बाद से नई सरकार का गठन हुआ। संसद में नए तरीके से बजट पेश करने का सिलसिला शु्रू हुआ। समय के साथ भारत में बजट पेश करने की परंपराएं भी बदलती चली गईं। बहुत कम लोग जानते होंगे कि पहले बजट 5 बजे शाम में पेश किया जाता था। आजादी के बाद से यह 2000 तक केंद्रीय बजट संसद में शाम 5 बजे पेश किया जाता रहा। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा को 2001 में खत्म कर दिया। इसके साथ ही तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सुबह 11 बजे बजट पेश कर नई परंपरा शुरू की। यशवंत सिन्हा ने 7 बार देश का बजट पेश किया था।
बजट के बारे में रोचक बातें
इस वजह से शाम 5 बजे पेश किया जाता था बजट
जब देश में अंग्रेजों का शासन था तब भी बजट पेश किया जाता था। लेकिन तब भारत का बजट ब्रिटेन की संसद में पेश किया जाता था। जब भारत में शाम होती है तब ब्रिटेन में सुबह होती थी। जिसकी वजह से आजादी से पहले भारतीय समयनुसार सुबह के करीब 11.30 बजे बजट पेश होता था। आजादी के बाद भी यह सिलिसला चलता रहा। लेकिन 2001 में इस परंपरा को खत्म करके सुबह 11 बजे बजट पेश किया जाने लगा।
षनमुखम चेट्टी ने पेश किया था भारत का पहला बजट
गुलाम भारत का पहला बजट 18 फरवरी 1869 को पेश किया गया था। अंग्रेज जेम्स विल्सन ने पेश किया था। भारत की आजादी की घोषणा के बाद 2 फरवरी 1946 को लियाकत अली खान की ओर से बजट पेश किया गया था। वह बाद में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे। आजादी के बाद नवंबर 1947 में देश के पहले वित्त मंत्री षनमुखम चेट्टी ने भारत का पहला बजट पेश किया था।
नरेंद्र मोदी ने भी बदली कई परंपराएं
नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने भी बजट को लेकर कई परंपराओं को बदला है। पहले फरवरी के अंतिम 28 या 29 तारीख को बजट पेश होता था। जिसे बदलकर अब 1 फरवरी कर दिया गया है। इसके अलावा 2017 में रेल बजट को खत्म करके आम बजट में शामिल कर दिया गया।
