Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026‑27 में मिडल क्लास और आम लोगों के लिए क्या बदलाव किए गए हैं, यह हर कोई जानना चाहता है। दरअसल, मिडल क्लास (Middle Class) और आम लोगों के लिए सीधे टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन कई ऐसे प्रावधान और राहत उपाय जरूर पेश किए गए हैं, जिनसे सैलरीड टैक्सपेयर्स, छोटे निवेशक और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
आम आदमी को कितनी राहत
इनकम टैक्स स्लैब
इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई संशोधन नहीं किया गया है, लेकिन वर्तमान में वह व्यवस्था बनी रहेगी, जिसमें 12 लाख तक की सालाना आय लगभग टैक्स‑फ्री बनी हुई है (स्टैंडर्ड डिडक्शन समेत लगभग 12.75 लाख रुपए की सालाना आय)। इससे मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर की कुल देनदारी पहले की तुलना में कम बनी रहेगी।
टीसीएस दरों में राहत
बजट में Tax Collected at Source (TCS) दरों में भी राहत दी गई है। उदाहरण के लिए विदेशी टूर पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा के लिए LRS रेमिटेंस पर TCS को घटाकर 2% किया गया है, जिससे विदेश यात्रा और शिक्षा‑स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों पर टैक्स बोझ कम होगा।
ITR फाइलिंग
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तारीखें भी अब अलग-अलग कर दी गई हैं। व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स अब ITR‑1 और ITR‑2 को 31 जुलाई तक फाइल कर सकते हैं, जबकि गैर‑ऑडिट व्यवसाय और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक समय मिलेगा। इससे टैक्सपेयर्स को समय को लेकर फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं
डिविडेंड और ब्याज पर TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) के लिए Form 15G या Form 15H अब डिपॉजिटरीज के साथ एक ही विंडो (Single‑Window) से फाइल किया जा सकेगा, जिससे टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान और तेज हो जाएंगी।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज
बजट घोषणा के अनुसार, एक और राहत यह है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज को आयकर से मुक्त किया गया है और उस पर लागू TDS हटाया जाएगा, जिससे दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
आवश्यक वस्तुएं और स्वास्थ्य‑सम्बंधी खर्च
बजट में कुछ आवश्यक वस्तुओं और स्वास्थ्य‑सम्बंधी खर्चों को कम करने के कदम भी शामिल हैं। लगभग 17 कैंसर दवाइयों पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी गई है और कुछ दुर्लभ रोगों की दवाइयों के लिए व्यक्तिगत आयात पर ड्यूटी‑फ्री सुविधा दी जाएगी, जिससे घर के खर्च में राहत मिल सकती है।
नौकरियों के नए अवसर
सरकार ने पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) के लिए बजट को 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक कर दिया है। इसके अलावा, पर्यटन, रेलवे और ट्रैवल सेक्टर के लिए भी विशेष आवंटन किया गया है, जिससे नौकरियों के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
