Budget 2026: आईटी इंडस्ट्री को बड़ी राहत, इस नियम के बाद लंबी ऑडिट प्रक्रिया से मिलेगा छुटकारा

Budget 2026: बजट 2026 में आईटी उद्योग को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने सेफ हार्बर नियमों में कई अहम बदलावों का ऐलान किया है। इनमें आईटी कंपनियों के लिए 15.5% का एक समान ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन तय करना शामिल है, जिससे टैक्स विवाद कम होंगे और कारोबार करना आसान होगा।

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने आईटी सेक्टर को एक बड़ी राहत देते हुए सेफ हार्बर सुविधा के तहत आईटी सेवाओं के लिए टर्नओवर सीमा को 300 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपए कर दिया है। यह फैसला खासतौर पर भारत के तेजी से बढ़ते आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज (ITeS) उद्योग के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

Safe harbour

बजट में Ease of Doing Business को बढ़ावा

क्या होती है सेफ हार्बर सुविधा

आसान शब्दों में कहें तो सेफ हार्बर ऐसे तय नियम होते हैं, जिनका पालन करने पर कंपनियों को टैक्स जांच, विवाद और लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है। अगर कोई आईटी कंपनी सरकार द्वारा तय मार्जिन और शर्तों के भीतर काम करती है, तो उसके ट्रांसफर प्राइसिंग या विदेशी लेन-देन पर सवाल नहीं उठाए जाते।

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