Budget 2024: पशुपालन, डेयरी, मछली और मुर्गी पालन से जुड़ी सहकारी समितियां ले सकेंगी नाबार्ड या अन्य बैंकों से उधार, बजट में हो सकती है घोषणा

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jan 27, 2024, 11:54 AM IST

Budget 2024: दो निधियों जैसे कि पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) और डेयरी प्रोसेसिंग और अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ) को विलय करके किया जाएगा।

Budget 2024: केंद्र सरकार पशुपालन, डेयरी, मछली और मुर्गी पालन से जुड़ी सहकारी समितियों द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अलावा अन्य बैंकों से सीधे उधार लेने की अनुमति देने के कदम पर विचार कर रही है। लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक यह दो निधियों जैसे कि पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) और डेयरी प्रोसेसिंग और अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ) को विलय करके किया जाएगा। जिसकी घोषणा अंतरिम बजट में हो सकती है। 2026-27 तक तीन वर्षों के लिए सब्सिडी एलिमेंट सहित व्यय लगभग ₹29,000 करोड़ होने की उम्मीद है।

Budget 2024: पशुपालन, डेयरी, मछली और मुर्गी पालन से जुड़ी सहकारी समितियां ले सकेंगी नाबार्ड या अन्य बैंकों से उधार, बजट में हो सकती है घोषणा

लोन की पहुंच अभी सिर्फ कृषि क्षेत्र में

वर्तमान में, सहकारी समितियों के पास लोन के लिए केवल कृषि क्षेत्र के लिए देश के टॉप बैंक नाबार्ड तक पहुंच है और विलय से भविष्य में लोन लेने में प्रशासनिक आसानी होगी। यह कदम एएचआईडीएफ के कार्यकाल की समाप्ति के बाद उठाया गया है, जिसे अब अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ाया जा रहा है। जून 2020 में कैबिनेट ने 15,000 करोड़ रुपये के साथ AHIDF की स्थापना को मंजूरी दी। यह फंड डेयरी और मांस प्रसंस्करण के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना में निवेश को प्रोत्साहित करता है और निजी क्षेत्र में पशु चारा प्लांट की स्थापना की सुविधा प्रदान करता है।

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