नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए देश का बजट (Budget 2023) 1 फरवरी 2023 को पेश होना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अगले महीने की पहली तारीख को आगामी वित्त वर्ष का बजट पेश करेंगी। इसके लिए वित्त मंत्रालय तैयारियों में जुटा है। रियल एस्टेट सेक्टर से लेकर टैक्सपेयर्स तक, हर किसी को बजट से काफी उम्मीदें हैं।
Budget 2023: अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ पीएम मोदी करेंगे अहम बैठक
पीएम मोदी करेंगे अहम बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आम बजट से पहले शुक्रवार यानी 13 जनवरी को नीति आयोग में अर्थशास्त्रियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोदी इस दौरान अर्थव्यवस्था की स्थिति और आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के उपायों पर चर्चा करेंगे। चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर सात प्रतिशत पर आने का अनुमान है। उन्होंने आगे कहा कि इस बैठक में कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे।
इकोनॉमी को लेकर क्या है अनुमान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2023 को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगी। मांग में नरमी के साथ देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में सालाना आधार पर घटकर सात प्रतिशत रह सकती है। ऐसा होने पर भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा गंवा सकता है। सांख्यिकी मंत्रालय के पहले आधिकारिक अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर सात प्रतिशत रहेगी, जो बीते वित्त वर्ष 2021-22 में 8.7 प्रतिशत थी।
सऊदी अरब से कम रह सकती है भारत की आर्थिक वृद्धि दर
यह अनुमान सरकार के पहले के आठ से 8.5 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान से काफी कम है। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक के 6.8 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। अगर यह अनुमान सही रहा, तो भारत की आर्थिक वृद्धि दर सऊदी अरब से कम रहेगी। सऊदी अरब की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। वास्तव में, भारत की जीडीपी वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.3 प्रतिशत रही थी। जबकि इस अवधि में सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)
