अंग्रेजों की 'ईस्ट इंडिया कंपनी' फिर कंगाल! ₹12 करोड़ का कर्ज न चुकाने पर हुई दिवालिया, अब भारतीय संभाल रहे कमान

जिस कंपनी ने कभी दुनिया के आधे हिस्से पर राज किया और भारत को अपना गुलाम बनाया, वही 'ईस्ट इंडिया कंपनी' आज मात्र ₹12 करोड़ का कर्ज न चुका पाने के कारण दोबारा दिवालिया हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस समय इस ऐतिहासिक कंपनी की कमान एक भारतीय मूल के बिजनेसमैन के हाथों में है।

कभी दुनिया के आधे हिस्से पर राज करने वाली और भारत को अपना गुलाम बनाने वाली 'ईस्ट इंडिया कंपनी' एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपनी कंगाली की वजह से चर्चा में है। करीब 400 साल पुरानी यह कंपनी, जिसने कभी अपनी निजी सेना के दम पर देशों को जीता था, आज ₹12 करोड़ का मामूली कर्ज न चुका पाने के कारण दिवालिया (Bankrupt) हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस समय इस कंपनी की कमान एक भारतीय मूल के व्यवसायी के हाथ में है। आइए जानते हैं कैसे एक साम्राज्य चलाने वाली कंपनी आज खुद को बचाने में नाकाम रही।

East India Company

₹12 करोड़ का कर्ज

ईस्ट इंडिया कंपनी (EIC), जो कभी मसालों, चाय और कपड़ों के व्यापार का पर्याय थी, आज अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने में असमर्थ साबित हुई है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी पर लगभग ₹12 करोड़ का कर्ज था, जिसे वह समय पर नहीं चुका पाई। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी को 'वॉलंटरी लिक्विडेशन' (Voluntary Liquidation) यानी अपनी मर्जी से दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह कंपनी के इतिहास में दूसरी बार है जब वह इस तरह के वित्तीय संकट में फंसी है। 1874 में ब्रिटिश सरकार ने इसे पहली बार भंग किया था, लेकिन बाद में इसे एक लग्जरी ब्रांड के रूप में पुनर्जीवित किया गया था।

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