Bloomberge Reserve Bank Gold Sell Claim : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से 12 अरब डॉलर से ज्यादा यानी करीब 1.15 लाख् करोड़ रुपये का गोल्ड बेचने का दावा फर्जी निकला है। मशहूर बिजनेस न्यूज पोर्टल Bloomberge ने मंगलवार 2 जून को अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि RBI ने फॉरेक्स रिजर्व को सपोर्ट करने के लिए 22 मई तक दो सप्ताह में करीब 12 अरब डॉलर का गोल्ड बेचा है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एनालिस्ट अभिषेक गुप्ता के आकलन के आधार पर बनाई गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रिजर्व बैंक ने गोल्ड बेचकर अपने फॉरेन करेसी एसेट्स (FCA) को सपोर्ट किया।
ब्लूमबर्ग की खबर को रिजर्व बैंक ने बताया गलत
रिजर्व बैंक ने क्या कहा?
RBI ने ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा है कि रिपोर्ट में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है। रिपोर्ट में किए गए दावे के मुताबिक रिजर्व बैंक ने गोल्ड रिवर्ज बेचा है। जबकि, सच यह है कि रिपोर्ट के उलट बताई गई समय अवधि में रिजर्व बैंक के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू बढ़ी है। यह पहली बार नहीं है, जब ब्लूमबर्ग ने ऐसी खबर दी है, जो फेक साबित हुई है।
PIB ने किया फैक्टचेक
केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को फेक बताते हुए कहा, भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में गोल्ड का हिस्सा सितंबर 2025 के आखिर में 13.92% रहा था। इसके बाद 31 मार्च, 2026 को यह बढ़कर 16.70% हो गया और 22, मई 2026 को यह 16.85% हो गया है। इससे साफ पता चलता है कि रिवर्ज बैंक का गोल्ड रिजर्व घटा नहीं है, बल्कि बढ़ा है। यह तब है, जब गोल्ड की कीमतों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है।
इसके साथ ही PIB और RBI दोनों ने रिजर्व बैंक के मंथली बुलेटिन के आधार पर बताया है कि रिर्जव बैंक के लेटेस्ट बुलेटिन में फिजकल गोल्ड स्टॉक की जानकारी दील गई है, जिससे पता चलता है कि गोल्ड रिजर्व में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
