अफ्रीका की पटरियों पर दौड़ेंगे बिहार के मरहौरा में बने पावरफुल देसी इंजन, जानें इनकी खासियत

Bihar Locomotive Export: हर इंजन में 4500 हॉर्स पावर की ताकत है। एसी प्रणोदन सिस्टम, रिजनरेटिव ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी, माइक्रोप्रोसेसर-आधारित कंट्रोल सिस्टम, फायर डिटेक्शन सिस्टम साथ ही ये इतने मॉडर्न हैं कि ड्राइवर के लिए माइक्रोवेव, फ्रिज और टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।

बिहार का एक छोटा कस्बा मरहौरा अब दुनिया के नक्शे पर अपनी पहचान बना रहा है। यहां की रेल इंजन फैक्ट्री में बने 150 पावरफुल इंजन जल्द ही अफ्रीका के गिनी देश में दौड़ते नजर आएंगे। ये इंजन वहां की एक बड़ी आयरन ओर (लौह अयस्क) परियोजना के लिए भेजे जाएंगे। यह डील करीब ₹3,000 करोड़ की है और भारत की गिनती अब रेल इंजन निर्यात करने वाले बड़े देशों में होने लगी है।

ES43ACmi Locomotive

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भारत से गिनी तक पहुंचेगा मरहौरा का बना इंजन

बिहार के सारण जिले के मरहौरा में स्थित रेलवे लोकोमोटिव फैक्ट्री में बने 150 दमदार इंजन अब अफ्रीका के गिनी देश में चलाए जाएंगे। ये इंजन सिमंडौ लौह अयस्क प्रोजेक्ट में काम आएंगे।

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