Bharti Hexacom IPO:भारती एयरटेल की इकाई भारती हेक्साकॉम को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गई है।हेक्साकॉम के आईपीओ में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा।ओएफएस के तहत, टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड द्वारा 10 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे।भारती हेक्साकॉम ने आईपीओ के लिए दस्तावेज भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में जनवरी में दाखिल किए थे। कंपनी को 11 मार्च को निष्कर्ष पत्र मिल गया। भारती हेक्साकॉम राजस्थान और पूर्वोत्तर में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती है।
भारती हेक्साकॉम आईपीओ
कंपनी की क्या है प्लानिंग
भारती एयरटेल के पास भारती हेक्साकॉम में 70 फीसदी हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी बेचेगी। कंपनी राजस्थान और उत्तर पूर्व में ग्राहकों को एयरटेल ब्रांड के तहत उपभोक्ता मोबाइल सेवाएं, फिक्स्ड लाइन टेलीफोन और ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध करती है। यह आईपीओ पूरी तरह से OFS है। इसलिए कंपनी को इस आईपीओ के जरिए कोई फंड नहीं मिलेगा और आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के शेयरधारकों के पास जाएगी।
हेक्साकॉम का वित्तीय प्रदर्शन
भारती हेक्साकॉम ने वित्त वर्ष 2023 में 549.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। जो पिछले वर्ष की तुलना में 67.2 प्रतिशत कम है। जबकि वित्त वर्ष 2022 में इसका प्रॉफिट 1,951.1 करोड़ रुपये था। 19 जनवरी को सेबी के पास दायर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, प्रमोटर भारती एयरटेल के पास 70 प्रतिशत हिस्सेदारी (35 करोड़ इक्विटी शेयर) और शेष 30 प्रतिशत हिस्सेदारी (15 करोड़ इक्विटी के बराबर) गैर-प्रवर्तक टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया के पास है।
