दोस्त या पड़ोसी के लोन गारंटर बनने से पहले जान लीजिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला, वरना बाद में पछताएंगे

अगर आप भी अपने किसी दोस्त या पड़ोसी या रिश्तेदार के लिए लोन गारंटर बनने जा रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। लोन गारंटर बनने से पहले आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना होगा वरना बाद में लोन डिफ़ॉल्ट होने की हालत में आप बुरे फंस सकते हैं।

क्या आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार आपसे लोन लेने के लिए गारंटर (Guarantor) बनने की गुजारिश कर रहा है? अगर हां, तो कागज़ों पर हस्ताक्षर करने से पहले यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अक्सर लोग संबंधों के दबाव में बिना सोचे-समझे गारंटर बन जाते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले ने इस भूमिका के जोखिमों को पूरी तरह बदल दिया है। अब लोन गारंटर की जिम्मेदारी कर्ज लेने वाले व्यक्ति (Borrower) के बराबर ही मानी जाएगी। आइए जानते हैं कि इस फैसले का आपके वित्तीय भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।

Loan Guarantor

लोन गारंटर एक बड़ी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि लोन गारंटर कोई मामूली भूमिका नहीं है, बल्कि यह एक गहरी वित्तीय जिम्मेदारी है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, यदि कर्ज लेने वाला व्यक्ति लोन की किश्तें (EMI) नहीं चुका पाता है, तो बैंक सीधे गारंटर से पैसे की वसूली कर सकता है। अब बैंक को इसके लिए कर्जदार के पीछे भागने या पहले उस पर कानूनी कार्यवाही करने की बाध्यता नहीं है। बैंक के लिए गारंटर और मुख्य कर्जदार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

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