लोन की EMI नहीं भरी तो गाड़ी कौन उठा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किए नियम

Loan EMI नहीं भर पाने पर क्या बैंक या NBFC आपकी गाड़ी जबरन उठा सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने वाहन जब्ती को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि लोन रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया और RBI के नियमों का पालन जरूरी है।

अगर आपने गाड़ी खरीदने के लिए बैंक या NBFC से लोन लिया है और किसी वजह से EMI नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। लोन की किस्त में डिफॉल्ट होने का मतलब यह नहीं है कि वित्तीय संस्था बिना किसी प्रक्रिया के आपकी गाड़ी जबरन उठाकर ले जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वाहन जब्ती के मामले में कानूनी प्रक्रिया और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का पालन करने पर जोर दिया है। मामला एक छोटे ट्रांसपोर्टर हरिदत्त शर्मा से जुड़ा है। उन्होंने अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी से टाटा एसएफसी 407 ट्रक खरीदने के लिए कमर्शियल लोन लिया था। उन्होंने करीब 10.40 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। इसमें 9.36 लाख रुपये की राशि वितरित की गई और बाद में 1.04 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन भी दिया गया।

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लोन की EMI नहीं भरी तो गाड़ी कौन उठा सकता है?

क्या है पूरा मामला?

लोन की किस्तों के भुगतान में कुछ चूक हुई। इसके बाद 9 अप्रैल 2023 की रात करीब एक बजे चार लोग उनके पास पहुंचे। आरोप के मुताबिक, उन्होंने बिना किसी पूर्व नोटिस के ट्रक का स्टीयरिंग लॉक तोड़ा और वाहन को जबरन अपने कब्जे में ले लिया। इस तरह ट्रक उनके हाथ से चला गया, जबकि यही वाहन उनकी कमाई का मुख्य साधन था।

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