अब विदेशों से भी चंदा ले सकेंगे धीरेंद्र शास्त्री, सरकार से मिली मंजूरी, जानें क्या है FCRA

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम के लिए एक बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने धाम की 'जन सेवा समिति' को FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) के तहत मंजूरी दी है।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वर धाम के भक्तों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की संस्था 'बागेश्वर धाम जन सेवा समिति' को अब भारत सरकार के गृह मंत्रालय से विदेशी चंदा लेने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। यह अनुमति FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) के तहत दी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब दुनिया के किसी भी कोने में बैठा भक्त सीधे बागेश्वर धाम के खाते में दान राशि भेज सकेगा, जो अब तक कानूनी रूप से काफी जटिल प्रक्रिया थी।

FCRA Bagheshwar Dham

क्या है FCRA और यह क्यों जरूरी है?

भारत में जब भी कोई धार्मिक, सामाजिक या शैक्षिक संस्था विदेशों से पैसा लेना चाहती है, तो उसे गृह मंत्रालय से FCRA सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है। यह एक तरह का लाइसेंस है जो यह सुनिश्चित करता है कि विदेश से आने वाला पैसा वैध स्रोतों से आ रहा है और उसका उपयोग सही कार्यों के लिए किया जा रहा है। अब तक बागेश्वर धाम मुख्य रूप से घरेलू दान पर निर्भर था, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री की बढ़ती लोकप्रियता और विदेशों में उनके लगातार हो रहे कार्यक्रमों (जैसे लंदन और दुबई) की वजह से विदेशी फंडिंग की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब सरकारी मुहर लगने के बाद यह रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

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