Baba Kalyalni Sister Sugandha Hiremath Acccuses him on property issue: कंपनी और उसके हक को लेकर एक बड़े कॉरपोरेट घराने में विवाद शुरू हो गया है। मामला भाई और बहन का है, जिसमें बहन का आरोप है कि मां के मरने के बाद उनका भाई उनके हक को हड़पने की कोशिश कर रहा है। हम 36500 करोड़ रुपये (मार्केट कैप)के ग्रुप वाले Bharat Forge के सीएमडी बाबा कल्याणी और उनकी बहन सुगंधा हीरेमठ के विवाद की बात कर रहे हैं। सुगंधा ने बाबा कल्याणी पर यह आरोप लगाया है कि उनकी मां के मरने के बाद जो हिस्सेदारी उन्हें मिलनी चाहिए थी, वह उनके भाई बाबा कल्याणी नहीं दे रहे है। उल्टे उसे हड़पने की कोशिश कर रहे है। कल्याणी ने हालांकि अपने बहन के आरोपों से इंकार किया है, लेकिन अब यह विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। और सुगंधा पूरे मामले को लेकर बांबे हाईकोर्ट पहुंच गई है।
भाई बाबा कल्याणी और बहन सुगंधा में छिड़ी कानूनी लड़ाई
क्या है मामला
इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार विवाद फरवरी 2023 के बाद शुरू होता है। जब बाबा कल्याणी और सुगंधा हीरेमठ की मां का 25 फरवरी 2023 को निधन हुआ। मां के निधन के बाद सुगंधा का आरोप है कि साल 1994 में हुए समझौते के तहत कल्याणी को सारी हिस्सेदारी उन्हें ट्रांसफर कर देनी चाहिए थी। लेकिन इसकी जगह वह अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर उन्हें और उनके पति को Hikal कंपनी से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं। Hikal की मार्केट करीब 3500 करोड़ रुपये है।
असल में Hikal में सुगंधा हीरेमठ की 35 फीसदी और बाबा कल्याणी की 34 फीसदी हिस्सेदारी है। सुगंधा का कहना है कि उनकी मौत के बाद बाबा कल्याणी ने कंपनी के 58 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदने की कोशिश शुरू कर दी हैं। इसके तहत बाबा कल्याणी को 158 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। कल्याणी की इस कवायद पर 71 साल की सुगंधा का आरोप है कि उनके 74 वर्षीय भाई बाबा कल्याणी, उन्हें कंपनी से साइडलाइन करने की कोशिश कर रहे हैं।
ताज महल होटल में हुआ था समझौता
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार सुगंधा का दावा है कि 19 जून 1994 को मुंबई के ताजमहल होटल में हुई मीटिंग के बाद एक समझौता हुआ था। इसके तहत Hikal के शेयर हीरेमठ को ट्रांसफर किए जाने थे। यह समझौता Hikal की शुरुआत करने वाले उनके पिता जयदेव हीरेमठ , उनकी मां, भाई कल्याणी और तत्कालीन ICICI Bank के चेयरमैन एन.वघुल और पूर्व सेबी चेयरमैन एस.एस.नादकर्णी की मौजूदगी में हुआ था। हालांकि बाबा कल्याणी सुगंधा के आरोपों को नकार रहे हैं। ऐसे में यह मामला अदालत में पहुंच चुका है। अब देखना है कि यह विवाद किस ओर करवट लेता है।
