IT Hardware Companies Registration IN PLI Scheme:शीर्ष वैश्विक कंपनियों समेत करीब 58 कंपनियों ने आईटी हार्डवेयर के लिए सरकार की 17,000 करोड़ रुपये की उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए पंजीकरण कराया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई में टैबलेट और लैपटॉप जैसे आईटी हार्डवेयर के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम को मंजूरी दी थी। पंजीकरण में कंपनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देश में टैबलेट और लैपटॉप जैसे उत्पादों का निर्माण बढ़ेगा। इसके पहले सरकार ने एक नवंबर 2023 से लैपटॉप जैसे आईटी उपकरणों के आयात के नियम सख्त कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।
देश में बनेंगे लैपटॉप, टैबलेट
कौन सी कंपनियां हैं शामिल
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव अलकेश कुमार शर्मा ने कहा कि आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना 2.0 को उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली है।शर्मा ने इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के साइडलाइन में कहा कि योजना के लिए पंजीकरण कराने की अंतिम तारीख 30 अगस्त है। 58 कंपनियों ने अभी तक पंजीकरण कराया है।’’यह पूछे जाने पर कि क्या सभी शीर्ष वैश्विक कंपनिया ने पंजीकरण कराया है। शर्मा का जवाब सकारात्मक था। साथ ही उन्होंने कहा कि कई घरेलू कंपनियों ने भी इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है।आईटी हार्डवेयर के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 2.0 में लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पीसी, सर्वर और अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर उपकरण शामिल हैं।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई में टैबलेट और लैपटॉप जैसे आईटी हार्डवेयर के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 17,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन को मंजूरी दी थी।
1.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, व्यापार और परिवहन समेत नौ संगठित क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं।उन्होंने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि गुजरे नौ बरस के दौरान देश में विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार के साथ ही नये उद्योगों का पंजीयन और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में नये सदस्यों का पंजीयन बढ़ा है जो रोजगारों में पॉजिटिव बढ़ोतरी दिखाता है। सरकार के ‘‘ई-श्रम’’ पोर्टल पर पिछले एक साल के भीतर असंगठित क्षेत्र के 29 करोड़ कामगारों का पंजीयन किया गया है जिनमें सुदूर गांवों के श्रमिक भी शामिल हैं।
