हैदराबाद की डिफेंस सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी Apollo Micro Systems ने अपने तिमाही नतीजों की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (Q4) में उसका स्टैंडअलोन राजस्व ₹161.76 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹135.43 करोड़ था। यह साल-दर-साल (YoY) आधार पर 19% की वृद्धि को दर्शाता है।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स शेयर।
Apollo Micro Systems डिफेंस, परिवहन, अवसंरचना और एयरोस्पेस जैसे सेक्टरों में तकनीकी समाधान उपलब्ध कराती है। हाल ही में कंपनी ने ₹50 करोड़ की अनलिस्टेड, सुरक्षित, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए जारी करने की मंजूरी दी थी, जिसका उपयोग अधिग्रहण के ज़रिए व्यापार विस्तार में किया जाएगा।
शेयर में गिरावट, लेकिन लंबी अवधि में जबरदस्त रिटर्न
सोमवार (7 अप्रैल) के ट्रेडिंग सेशन के दौरान, Apollo Micro Systems के शेयरों में करीब 7.5% की गिरावट दर्ज की गई और यह NSE पर ₹108 पर ट्रेड कर रहा था। करीब 61 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ। कंपनी का शेयर पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों से गिरावट में है और यह 5-दिन, 20-दिन, 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन की मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है।
हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों को इस शेयर ने शानदार रिटर्न दिया है। पिछले दो वर्षों में इसने 277% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जबकि तीन साल में 660% और पांच साल में 2216% की बेतहाशा तेजी देखी गई है। एक साल में हालांकि शेयर करीब 6% फिसला है।
शेयरहोल्डिंग और बाजार पूंजीकरण
Q3 शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 55.12% है, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के पास 43.28% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सा बीमा कंपनियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के पास है।
वर्तमान में Apollo Micro Systems का मार्केट कैप ₹3,302.43 करोड़ है और यह BSE SmallCap इंडेक्स का हिस्सा है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
