Vedanta To Demerge Its Different Businesses: वेदांता (Vedanta) कर्ज के संकट से गुजर रही है। मूडीज (Moody's) ने इसकी रेटिंग भी घटाई है। इस बीच अब कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। वेदांता का प्लान अपने कारोबारों की रिस्ट्रक्चरिंग का है। कंपनी अपने विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग करके उन्हें लिस्टेग एंटिटी बनाने की तैयारी कर रही है।
वेदांता अपने विभिन्न व्यवसायों को अलग करेगी
इससे वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) को अपने मेटल से ऊर्जा तक फैले कारोबार के कर्ज के बोझ को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
कौन-कौन से बिजनेसों की बनेंगी अलग-अलग कंपनियां
ईटी एनर्जीवर्ल्ड के अनुसार वेदांता ने अपने कर्जदाताओं को रिस्ट्रक्चरिंग के बारे में बता दिया है और कंपनी आने वाले दिनों में इससे जुड़े प्लान की घोषणा कर सकती है। एल्युमीनियम, तेल और गैस, लौह अयस्क और स्टील सहित बिजनेसों को अलग से लिस्ट किया जाएगा।
वेदांता रिसॉर्सेज रहे होल्डिंग कंपनी
वेदांता लिमिटेड की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज होल्डिंग कंपनी बनी रहेगी। अलग-अलग कंपनियों को लिस्टेड करने विचार-विमर्श जारी है और डी-मर्जर के स्ट्रक्चर या समय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
शेयर में गिरावट
कर्ज के दबाव और रेटिंग में कटौती की खबरों के बीच वेदांता के शेयर प्राइस में भी भारी गिरावट आई है। बीते 5 दिन में इसका शेयर 6 फीसदी से अधिक गिरा है और 52 हफ्तों के निचले स्तर तक फिसल गया है। आज 28 सितंबर को कंपनी का शेयर हरे निशान में है।
सुबह करीब पौने 10 बजे वेदांता का शेयर बीएसई (BSE) पर 2.65 रु या 1.27 फीसदी की मजबूती के साथ 211.60 रु पर है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
