White Revolution 2.0 : भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार गोबर से बायोगैस, जैविक उर्वरक (ऑर्गेनिक खाद) और दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) से लेकर बाजार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। इस एकीकृत इकोसिस्टम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी।
भोपाल में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन: अमित शाह ने श्वेत क्रांति 2.0 और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप रखा (तस्वीर-X)
नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ जमीन और दुग्ध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि गायों की नस्ल सुधारने और पशुपालन की उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने 50 एकड़ जमीन की मांग की थी, जिस पर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान दुग्ध उत्पादन क्षमता को अगले तीन वर्षों के भीतर 10 लाख करोड़ लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक पहुंचाने का टारगेट पूरा करना है।
दुग्ध उत्पादन में भारत अव्वल, 'श्वेत क्रांति 2' से मिलेगी नई ऊर्जा
भारत के डेयरी क्षेत्र की वैश्विक साख को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन हमारा देश करता है। उन्होंने बताया कि इस रफ्तार को और तेज करने के लिए करीब एक वर्ष पहले 'श्वेत क्रांति 2.0' की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य डेयरी नेटवर्क का विस्तार करना और गांव-गांव तक दूध संग्रहण एवं प्रसंस्करण प्रणाली को आधुनिक बनाना है।
देश में खुलेंगी 75 हजार नई डेयरियां, मप्र को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि देशभर में कुल 75,000 नई कॉपरेटिव डेयरियां खोली जाएंगी। इसमें सबसे खास बात यह है कि इनमें से सबसे अधिक डेयरियां मध्य प्रदेश में स्थापित की जाएंगी। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और छोटे पशुपालकों को सीधे सहकारी तंत्र से जुड़ने का मौका मिलेगा।
कांग्रेस पर साधा निशाना: काम करने के बजाय नकारात्मकता फैलाने का आरोप
विपक्ष पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों के कल्याण को लेकर कांग्रेस शासित राज्यों में कोई गंभीर काम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम केवल नकारात्मकता फैलाना है, जबकि मौजूदा सरकार जमीन पर उतरकर किसान और पशुपालकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियां लागू कर रही है।
महिला सशक्तिकरण का जरिया बना कॉपरेटिव मॉडल और ड्रग्स के खिलाफ संकल्प
अमित शाह ने सहकारिता आंदोलन के सामाजिक प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि कॉपरेटिव (सहकारिता) का काम वास्तव में महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है, क्योंकि डेयरी क्षेत्र से लाखों महिलाएं सीधे जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को पूरी तरह से नारकोटिक्स (मादक पदार्थों) के जाल से मुक्त किया जाएगा।
