ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कैसे आएगी तेजी? अमित शाह की राज्यों के सहकारिता मंत्रियों के साथ बैठक

Cooperative Ministers Meeting: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सहकारिता ढांचे को मजबूत बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीक के उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

Cooperative Ministers Meeting : केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित की गई। इसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना था। सरकारी बयान के अनुसार, इस बैठक में सहकारी समितियों के कामकाज को बेहतर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर यह बात कही गई कि तकनीक के इस्तेमाल से सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता लाई जा सकती है और कामकाज को आसान बनाया जा सकता है।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श (तस्वीर-X)

तकनीक और पारदर्शिता पर जोर

बैठक में मौजूद मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाने से सहकारी समितियों को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकता है। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया गया, ताकि सदस्य किसानों का भरोसा और मजबूत हो। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी की जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और नई योजनाओं को लागू करने पर चर्चा की गई। बैठक को ‘मंथन बैठक’ नाम दिया गया, जिसमें राज्यों के अच्छे अनुभवों और सफल मॉडल्स को साझा किया गया।

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